बड़वानी: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आम नागरिकों के कल्याण और शासन की योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए गत 7 अगस्त से 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत राज्य शासन के निर्देशानुसार अब प्रत्येक शुक्रवार को प्रदेश के किसी भी शासकीय कार्यालय में कोई आधिकारिक बैठक आयोजित नहीं की जाएगी। इसके स्थान पर सभी प्रशासनिक अधिकारी मैदानी स्तर पर सीधे जनता के बीच मौजूद रहकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जमीनी हकीकत का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में आज शुक्रवार (14 अगस्त 2026) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से बड़वानी जिले में आयोजित 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' के कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंच रहे हैं।
अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री बड़वानी में आम जनता से जुड़े विभिन्न परिवादों, शिकायतों और प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण की गहन समीक्षा करेंगे। इस संपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई का संचालन और मॉनिटरिंग 'सीएम हेल्पलाइन' पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में यह शामिल है कि आम जनता की समस्याओं का शत-प्रतिशत और समयबद्ध समाधान हो, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो तथा सभी लोक सेवाएं तय समय-सीमा के भीतर जनता तक पहुंचाई जाएं।
स्कूल का करेंगे निरीक्षण, आधुनिक सुविधाओं का लेंगे जायजा
अपने बड़वानी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्थानीय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बोरलाय का औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे विद्यालय परिसर में स्थापित किए गए जिले के पहले 'मैथ्स पार्क', आधुनिक आईसीटी (ICT) लैब, अटल टिंकरिंग लैब और स्मार्ट क्लासरूम का प्रत्यक्ष अवलोकन कर वहां की शैक्षणिक व्यवस्थाओं और छात्र-सुविधाओं का बारीकी से जायजा लेंगे।
प्रगतिशील किसानों, उद्यमियों और मेधावी विद्यार्थियों से करेंगे संवाद
मुख्यमंत्री जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
कृषि और पशुपालन क्षेत्र पर चर्चा: इस संवाद सत्र के दौरान सीएम डॉ. यादव जिले में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन तथा मत्स्य पालन के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील कृषकों से विस्तृत चर्चा करेंगे।
आधुनिक खेती और उद्योग: इस दौरान एचडीपीएस (HDPS) तकनीक के माध्यम से की जा रही कपास की खेती, कस्टम हायरिंग सेंटर्स, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण प्राप्त कर खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के क्षेत्र में अपने उद्योग स्थापित करने वाले हितग्राहियों से बात की जाएगी।
संरक्षण और नवाचार: इसके अलावा, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, स्वदेशी निमाड़ी गायों के संरक्षण, मछली बीज संवर्धन एवं मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के साथ-साथ किसान संगठनों के पदाधिकारियों से ई-टोकन व्यवस्था और अन्य कृषि संबंधी विषयों पर गहन मंत्रणा होगी।
स्टार्ट-अप और उद्यमी संवाद: बड़वानी जिले में खाद्य प्रसंस्करण, एग्रो इंडस्ट्रीज, कपास एवं जिनिंग उद्योगों, नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी), वेस्ट मैनेजमेंट, पर्यावरण-अनुकूल (इको-फ्रेंडली) उत्पादों के निर्माण, विनिर्माण और नवाचार तथा स्टार्ट-अप के क्षेत्र में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे स्थानीय उद्यमियों से उनके कार्यक्षेत्र और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।


