नई दिल्ली | नागरिकों की बुनियादी समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाने और प्रशासनिक अधिकारियों की नींद तोड़ने के लिए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने एक अनूठा जमीनी आंदोलन शुरू किया है। पार्टी ने इस जन-जागरूकता अभियान को डिजिटल माध्यम से गति देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर '#LifeOfACockroach' नाम से एक अभियान की शुरुआत की है। इस मुहिम के तहत सीजेपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा निर्मित एक तीन मिनट का विशेष वीडियो भी जारी किया है, जिसमें आम जनता से अपने आस-पास की बदहाल नागरिक व्यवस्थाओं को उजागर करने का आह्वान किया गया है।
जनसमस्याओं को सोशल मीडिया पर साझा करने की अनूठी अपील
इस अभियान के नीति-निर्धारकों के अनुसार, यदि किसी भी रिहायशी इलाके या मुख्य मार्ग पर गहरे गड्ढे हों, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें अंधेरा फैला रही हों, रिहायशी बस्तियों में कचरे का अंबार लगा हो या फिर किसी सरकारी दफ्तर में आम जनता को मूलभूत सेवाओं के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हों, तो नागरिक चुप बैठने के बजाय आवाज उठाएं। जनता से अपील की गई है कि वे ऐसी प्रशासनिक लापरवाहियों की तस्वीरें खींचें या वीडियो रिकॉर्ड करें और उसे सोशल मीडिया पर साझा करें।
कूटनीतिक कोलैबोरेशन और अधिकारियों पर जनदबाव बनाने की रणनीति
मुहिम को बड़े स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए आयोजकों ने नागरिकों से अपनी पोस्ट के साथ पार्टी के आधिकारिक हैंडल को टैग करने या कूटनीतिक सहयोग (कोलैबोरेशन) का अनुरोध भेजने को कहा है। सीजेपी का दावा है कि इन सभी शिकायतों को उनके डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से बड़े पैमाने पर ट्रेंड कराया जाएगा, ताकि एक मजबूत जनदबाव तैयार हो सके। इसके बाद इन सभी डिजिटल शिकायतों को सीधे संबंधित विभाग के आला अधिकारियों तक पहुंचाकर उनके समाधान की मांग की जाएगी।
डिजिटल युग में नागरिक अधिकारों को लेकर नई चेतना का संचार
इस एआई-संचालित अभियान को लेकर राजनीतिक गलियारों और आम जनता में भी काफी चर्चा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के डिजिटल टूल्स और अनूठे हैशटैग के प्रयोग से युवाओं को स्थानीय निकायों और प्रशासन की जवाबदेही तय करने में एक नया मंच मिलेगा। कॉकरोच जनता पार्टी का मानना है कि जब तक आम नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया और जमीन पर मुखर नहीं होगा, तब तक व्यवस्था में सुधार लाना संभव नहीं है।


