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    नागपुर में 10 दिनों में 13 लोगों की मौत से चिंता बढ़ी

    महाराष्ट्र में सूर्य का सितम: नागपुर में 10 दिनों में 13 मौतें, विदर्भ में पारा 45 डिग्री के पार

    महाराष्ट्र वर्तमान में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की प्रचंड चपेट में है। राज्य के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र में गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है।

    नागपुर में बढ़ता मौतों का आंकड़ा

    विदर्भ के नागपुर जिले में पिछले 10 दिनों के भीतर 13 लोगों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इन मौतों को लू और हीटस्ट्रोक से जोड़कर देखा जा रहा है।

    • अस्पतालों की रिपोर्ट: नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMCH) में 8 और मेयो अस्पताल (IGGMCH) में 5 मौतें दर्ज की गई हैं।

    • प्रभावित वर्ग: जान गंवाने वाले अधिकांश लोग 32 से 55 वर्ष की आयु के थे। इनमें मुख्य रूप से सड़क किनारे रहने वाले और सिग्नलों पर सामान बेचने वाले मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं।

    • मेडिकल जांच: हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मौत की मुख्य वजह लू ही थी, लेकिन अत्यधिक गर्मी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


    तापमान का रिकॉर्ड: भट्टी की तरह तप रहा विदर्भ

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नागपुर में पारा सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है:

    • अधिकतम तापमान: 44 से 45.5 डिग्री सेल्सियस।

    • न्यूनतम तापमान: 27 से 29 डिग्री सेल्सियस। दिन भर चलने वाले गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है, जिसके कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।


    अन्य इलाकों की स्थिति

    • मुंबई और कोंकण: यहाँ तापमान विदर्भ के मुकाबले थोड़ा कम (34.5°C) है, लेकिन हवा में नमी (Humidity) अधिक होने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को बीमार कर रही है।

    • अलर्ट वाले जिले: मौसम विभाग (IMD) ने धुले, नंदुरबार, नासिक और जलगांव में आगामी दिनों के लिए हीटवेव का अनुमान जताया है।


    प्रशासन की सलाह और बचाव के उपाय

    अस्पतालों की ओपीडी में हीट स्ट्रोक के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:

    1. दोपहर में बचाव: बहुत जरूरी न हो तो दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलें।

    2. सही पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर को रुमाल या टोपी से ढंकें।

    3. तरल पदार्थ: डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी, ओआरएस या अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।

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