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    HomeबिजनेसCore Portfolio: बाजार हो चाहे जैसा, स्थिरता देता है कोर पोर्टफोलियो

    Core Portfolio: बाजार हो चाहे जैसा, स्थिरता देता है कोर पोर्टफोलियो

    निवेशक दो प्रकार के होते हैं। एक वे जो रोमांच की तलाश में भारी रिटर्न के पीछे भागते हैं। उन्हें मोमेंटम स्टॉक्स, हॉट सेक्टर्स और निवेश के नए ट्रेंड्स पसंद होते हैं। जब बाजार तेजी पर होता है, तो वे अपना सब कुछ झोंक देते हैं। दूसरे वे होते हैं, जो निरंतरता के साथ वेल्थ क्रिएशन करते हैं। वे मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अगर एक मजबूत आधार बनाया जाए, तो पहले टाइप के लोग भी जीत सकते हैं।अपने पोर्टफोलियो को एक घर की तरह समझें…अगर आपकी नींव कमजोर है, तो एक तूफान सब कुछ धराशायी कर सकता है। लेकिन अगर आप अच्छे शेयरों के साथ अपने निवेश को मजबूती देते हैं, तो आप अपने वित्तीय भविष्य को खतरे में डाले बिना भी उच्च-ग्रोथ वाली थीम्स पर रोमांचक दांव लगा सकते हैं।अब सवाल है, मौजूदा हालातों में अगले 3 से 5 साल के लिए कैसा पोर्टफोलियो बनाया जाए…यहां काम आती है कोर रणनीति। मतलब, विकास के साथ पूर्वानुमान, महत्वाकांक्षा के साथ अनुशासन और संरचनात्मक बदलावों के साथ वित्तीय मजबूती का तालमेल।  

    कोर पोर्टफोलियो के लिए कुछ खास सेक्टर्स और स्टॉक्स पर ध्यान दिया जा सकता है।  

    डिफेंस: संरचनात्मक विकास

    हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड एक मजबूत ऑर्डर बैकलॉग का मतलब है, आने वाले कई वर्षों तक राजस्व की स्पष्टता। बेहतर रिटर्न रेश्यो और न्यूनतम कर्ज इसे एक ऐसी कंपनी बनाते हैं, जो रणनीतिक महत्व के साथ वित्तीय ताकत को जोड़ती है।भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड  आधुनिक युद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स में BEL का एकाधिकार है। यह एक एसेट-लाइट मॉडल पर काम करती है, जो मजबूत ROE और स्थिर मार्जिन बनाए रखने में मदद करता है। इसके पास शुद्ध नकद वाली बैलेंस शीट है, जो निवेशकों को भरोसा देती है।डाटा पैटर्न्स (इंडिया) लिमिटेड एम्बेडेड सिस्टम, एवियोनिक्स और विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने में महारत। मार्जिन अधिक हैं, क्योंकि तकनीक विशिष्ट है। मिड-कैप होने के नाते, यह तेजी से बढ़ सकती है।पारस डिफेंस: ऑप्टिक्स और स्पेस इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में काम करती है। जैसे-जैसे भारत के अंतरिक्ष और रक्षा कार्यक्रम बढ़ेंगे, इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी जा सकती है।जेन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड: यह सिमुलेशन सिस्टम और एंटी-ड्रोन तकनीकों में काम करती है, जो तेजी से विकसित हो रहे विशिष्ट क्षेत्र हैं। यहां ग्रोथ तेज हो सकती है।  

    पावर: पूर्वानुमान  

    NTPC लिमिटेड: इसका रेगुलेटेड रेवेन्यू मॉडल अनुमानित आय पैदा करता है। मजबूत कैश फ्लो डिविडेंड में मदद करता है।त्रिवेणी टर्बाइन: मजबूत ROE, कम कर्ज और सार्थक निर्यात एक्सपोजर के साथ, यह औद्योगिक पूंजीगत खर्च और ऊर्जा दक्षता के रुझानों से लाभान्वित होती है। 

    इंडस्ट्रियल: चक्रीय लाभ  

    भारत फोर्ज लिमिटेड: ऑटोमोटिव चक्रों से जुड़े होने के बावजूद, अब इसने एयरोस्पेस और रक्षा में विविधता ला दी है। इसकी वैश्विक उपस्थिति खास है।
     
    ब्लूचिप: विविधीकरण  

    RIL: यह पोर्टफोलियो के जोखिम को कम करता है और मजबूती देता है।
    FMCG: स्थिरता  
    ITC: जब बाजार घबराता है, तो यह सुरक्षा प्रदान करता है और आपकी पूंजी की रक्षा करता है।

    शेयर चुनने से पहले चेकलिस्ट जरूरी

    कोर पोर्टफोलियो के लिए नाम चुनते समय निवेशक प्राॅफिट ग्रोथ, कर्ज बोझ और वैल्यूएशन जैसे फिल्टर का इस्तेमाल करें। लंबी अवधि का पोर्टफोलियो बनाने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि आप आंख बद कर लें। पोर्टफोलियो की तिमाही समीक्षा जरूरी है। अगर फंडामेंटल्स बदल जाएं या मैनेजमेंट पर भरोसा कम हो, तो बाहर निकलने में देरी न करें।- रचित खंडेलवाल, रिसर्च हेड, बीएनके कैपिटल एक मजबूत कोर पोर्टफोलियो से तीन बड़े फायदे होते हैंस्थिरता: गिरावट में आपका 'कोर' हिस्सा ढाल बनकर खड़ा रहता है।अनुमानित रिटर्न: आपको पता होता है कि लंबी अवधि में यह हिस्सा आपको महंगाई से ऊपर रिटर्न देगा।कम तनाव: जब 70% पैसा सुरक्षित और मजबूत हाथों में है, तो आप बाकी 30% के साथ थोड़ा जोखिम ले सकते हैं।

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