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    अग्निकांड के बाद सख्ती, जयपुर में SHO सहित 8 पुलिसकर्मी निलंबित; अवैध गोदामों पर नजर

    जयपुर। गुलाबी नगरी के खो नागोरियान क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रही पटाखा निर्माण इकाई में लगी भीषण आग के बाद पुलिस महकमे में बड़ा हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे का कड़ा संज्ञान लेते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी सहित आठ पुलिस अधिकारियों व जवानों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के जरिए पुलिस प्रशासन ने मातहतों को सख्त हिदायत दी है कि आमजन की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर की शिथिलता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    थानाधिकारी समेत आठ पुलिसकर्मी सस्पेंड

    पुलिस कमिश्नर द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्राथमिक जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर खो नागोरियान के थानाधिकारी ओमप्रकाश मातवा, हेड कांस्टेबल अशोक तथा अन्य बीट कांस्टेबलों पर निलंबन की गाज गिरी है। इससे ठीक पहले पूर्वी जिले की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रंजीता शर्मा ने भी प्रशासनिक स्तर पर त्वरित एक्शन लेते हुए क्षेत्र के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और एक मुख्य आरक्षक को निलंबित किया था। इस प्रकार सामूहिक रूप से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कुल आठ पुलिसकर्मियों को सेवा से अलग कर दिया गया है।

    रिहायशी इलाके में हुआ था दर्दनाक हादसा

    विदित हो कि बीते मंगलवार, 9 जून 2026 की सुबह खो नागोरियान के एक घने रिहायशी इलाके में चल रहे अवैध पटाखा कारखाने में अचानक बारूद ने आग पकड़ ली थी। धमाका और आग इतनी भयावह थी कि भीतर काम कर रहे श्रमिकों को संभलने अथवा बाहर भागने का तनिक भी अवसर नहीं मिल सका। इस त्रासद घटनाक्रम में दो सगे भाइयों सहित कुल आठ बेकसूर लोगों की झुलसने व दम घुटने से मौत हो गई थी। घनी आबादी के बीच बिना किसी एनओसी और सुरक्षा मानकों के चल रही इस फैक्ट्री को लेकर स्थानीय निवासियों में पुलिस गश्ती दल के प्रति गहरा आक्रोश था, जिसके बाद किशनपोल क्षेत्र के विधायक अमीन कागजी ने भी स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर तीखे सवाल उठाए थे।

    उच्च स्तरीय जांच और व्यापक सर्च अभियान के निर्देश

    इस पूरे अग्निकांड की तह तक जाने और स्थानीय तंत्र की मिलीभगत की निष्पक्ष जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति यह पता लगाएगी कि आबादी वाले क्षेत्र में इतनी भारी मात्रा में बारूद और विस्फोटक का अवैध धंधा किसकी सरपरस्ती में फल-फूल रहा था। इसके साथ ही, पूरे जयपुर शहर में अवैध आतिशबाजी निर्माण इकाइयों और गोदामों के खिलाफ एक विशेष सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत बीट कांस्टेबलों को अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे करने और नियमों की अवहेलना करने वालों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त विधिक कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपा गया है।

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