इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर छापा मारा। यह पूरी कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति (ब्लैक मनी) के मामले में की गई है। शुरुआती जांच में ही अधिकारी के पास उनकी कुल कानूनी कमाई से कई गुना ज्यादा संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।
तड़के 3 बजे से शुरू हुई छापामार कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस को काफी समय से कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायतें मिल रही थीं। पूरी तरह पुष्टि होने के बाद मंगलवार रात से ही इस ऑपरेशन की तैयारी कर ली गई थी। बुधवार तड़के 3 बजे पूरी टीम को अलर्ट किया गया और सुबह 6 बजे विशेष अदालत से सर्च वारंट लेकर अधिकारी चोइथराम मंडी स्थित स्कीम नंबर-103 सहित कंडवाल के तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ धमक पड़े।
कमाई से 300 गुना अधिक संपत्ति मिलने का अनुमान
अधिकारियों के मुताबिक, लक्ष्मी नारायण कंडवाल ने अपने 30 साल के सर्विस करियर में सरकारी वेतन से करीब ढाई करोड़ रुपए कमाए हैं। लेकिन छापेमारी में उनके पास अब तक लगभग 10 करोड़ रुपए की बेहिसाब संपत्ति मिलने की जानकारी सामने आई है, जो उनकी वैध आय से करीब 300 गुना अधिक आंकी जा रही है।
अफसर का अजीब दावा: पत्नी की सिलाई और जिम से हुई कमाई
जब लोकायुक्त की टीम ने इतनी भारी संपत्ति और आलीशान जिंदगी को लेकर कंडवाल से पूछताछ की, तो उन्होंने अपनी आय के बड़े ही अजीब स्रोत गिनाए। कंडवाल ने दावा किया कि उनके दोनों बेटे एक डिपार्टमेंटल स्टोर चलाते हैं, जिसका हर महीने का टर्नओवर करीब एक लाख रुपए है। इसके अलावा उन्होंने अपनी पत्नी द्वारा की जाने वाली सिलाई-बुनाई को भी कमाई का जरिया बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी एक बिल्डिंग में दो मंजिला लग्जरी जिम चलता है, जिससे उन्हें हर महीने सवा लाख रुपए का किराया मिलता है।
बैंक लॉकर से मिला भारी सोना, खाते किए गए सीज
लोकायुक्त इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास ने बताया कि जांच के दौरान बैंक ऑफ इंडिया की सराफा शाखा में कंडवाल का एक लॉकर मिला है। इस लॉकर को खुलवाने पर उसके भीतर से 25 लाख रुपए से ज्यादा कीमत का सोना बरामद हुआ है। पुलिस ने इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और इंडियन ओवरसीज बैंक में मौजूद उनके खातों को भी तुरंत सीज (फ्रीज) कर दिया है। लोकायुक्त अधिकारियों का मानना है कि बैंक खातों और लॉकर के दस्तावेजों की पूरी तरह जांच होने के बाद इस काली कमाई का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।


