सुल्तानपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी को लेकर चल रहे आपराधिक मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। सोमवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत ने इस मामले में अहम फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। फैसले के दौरान कांग्रेस नेता खुद अदालत में मौजूद थे।
अदालत ने टिप्पणी को नहीं माना मानहानिकारक
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) शुभम वर्मा की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अमित शाह के संबंध में दी गई टिप्पणी मानहानि की श्रेणी में नहीं आती है। यह मुकदमा बीजेपी नेता विजय मिश्रा की शिकायत पर दर्ज कराया गया था, जिसमें IPC की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि का आरोप लगाया गया था।
2018 के बयान से शुरू हुआ था कानूनी विवाद
यह पूरा मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। उस समय अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे पार्टी की छवि धूमिल हुई।
लंबे घटनाक्रम के बाद राहुल गांधी को बड़ी राहत
लंबी न्यायिक प्रक्रिया, गवाहों के दर्ज बयानों और दोनों पक्षों की कानूनी दलीलों को सुनने के बाद विशेष अदालत ने मामले का अंतिम निपटारा करते हुए राहुल गांधी को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद वर्ष 2018 से चला आ रहा यह सियासी और कानूनी विवाद अब समाप्त हो गया है।


