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    DRDO गेस्ट हाउस बना जासूसी का अड्डा, जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

    DRDO गेस्ट हाउस का मैनेजर निकला पाकिस्तानी एजेंट, 5 साल से कर रहा था जासूसी
    जैसलमेर:
    राजस्थान के जैसलमेर जिले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) के गेस्ट हाउस में तैनात मैनेजर महेंद्र प्रसाद को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सामने आया है कि वह पिछले 5 वर्षों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में था और सेना से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां लीक कर चुका है।

    2020 से शुरू हुआ संपर्क, पाक एजेंट ने की थी पहली कॉल

    पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि साल 2020 में पहली बार उसे एक पाक एजेंट ने ‘DRDO कर्नल’ बनकर कॉल किया था। शुरुआत में सामान्य बातचीत की गई, लेकिन बाद में गेस्ट हाउस में रुकने वाले अफसरों की जानकारी मांगी जाने लगी। महेंद्र प्रसाद ने सूची साझा की और इसके बाद लगातार संपर्क में आ गया।

    फोटो खींचकर भेजी सैन्य गतिविधियों की जानकारी

    आरोपी ने माना कि उसने DRDO के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और सैन्य अफसरों की तस्वीरें और अन्य जानकारियां पाकिस्तान भेजी। पांच वर्षों में वह कई परीक्षणों, हथियारों और गतिविधियों की तस्वीरें मोबाइल से खींचकर भेज चुका है।

    मोबाइल से हुआ था सारा संपर्क, फोरेंसिक जांच जारी

    महेंद्र प्रसाद के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि इन मोबाइल से कई और संदिग्ध संपर्कों और सबूतों की पुष्टि हो सकती है।

    रुपयों का लेनदेन नहीं, लेकिन लीक की गंभीर जानकारियां

    हालांकि आरोपी ने दावा किया कि उसे पाक एजेंट से कोई धनराशि नहीं मिली, और जांच में उसके बैंक खातों में भी संदिग्ध लेनदेन नहीं पाए गए हैं। इसके बावजूद उसने जो जानकारियां साझा की हैं, वे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानी जा रही हैं।

    कौन है महेंद्र प्रसाद?

    महेंद्र प्रसाद उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले का मूल निवासी है और पिछले पांच वर्षों से जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज स्थित DRDO गेस्ट हाउस में मैनेजर के रूप में कार्यरत था। इस दौरान उसे संवेदनशील सूचनाओं तक नियमित पहुंच थी।

    SP बोले – संवेदनशील जानकारी भेजने के पुख्ता सबूत

    जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिव हरे ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ और साक्ष्य में यह स्पष्ट हो चुका है कि आरोपी ने संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को भेजीं। अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।

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