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    ED को जौहर यूनिवर्सिटी मामले में मिले अहम सुराग, सरकारी फंड के दुरुपयोग की भी जांच

    रामपुररामपुर में पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों के नियंत्रण वाले जौहर ट्रस्ट द्वारा संचालित जौहर विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर काले धन को खपाए जाने का मामला सामने आया है। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा यूनिवर्सिटी, ट्रस्ट के पदाधिकारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट और विभिन्न ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान इसके पुख्ता सुराग मिले हैं।

    सरकारी धन और सांसद-विधायक निधि का दुरुपयोग

    यूनिवर्सिटी और अन्य संबंधित ठिकानों से मिले दस्तावेजों से सरकारी विभागों के धन तथा सांसद-विधायक निधि के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग होने के प्रमाण मिले हैं। इसके बाद से आजम खां, संबंधित विभागों के तत्कालीन अधिकारी और ठेकेदार ईडी के रडार पर आ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी में सांसद-विधायक निधि के तहत काम कराने वाले छह प्रमुख ठेकेदार जांच के दायरे में हैं। इन सभी को पूछताछ के लिए नोटिस देकर तलब किया जाएगा। जिन विभागों के जरिए यह गड़बड़ी सामने आई है, उनमें जल निगम, पीडब्ल्यूडी, ग्राम्य विकास विभाग, संस्कृति विभाग, पिछड़ा वर्ग विभाग, नगर विकास और सिंचाई विभाग शामिल हैं।

    शेल कंपनियों और सरकारी ठेकों के जरिए हेरफेर

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिले के विकास कार्यों के लिए आने वाले सरकारी धन को बैंक से नकद निकालकर जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों में खर्च किया गया। इसके लिए रामपुर की कई निजी कंस्ट्रक्शन फर्मों को अलग-अलग सरकारी ठेके दिलाए गए, जो कागजों पर विकास कार्य दिखाते हुए असल में ट्रस्ट की संपत्तियां तैयार करवा रहे थे। जौहर एसोसिएट्स और सीके एसोसिएट्स जैसी फर्मों ने सरकारी अनुबंध से मिली लगभग 86 करोड़ रुपये की रकम का दुरुपयोग किया और इसका कोई आधिकारिक हिसाब-किताब नहीं रखा गया।

    ईडी की कार्रवाई और दानदाताओं पर शिकंजा

    जौहर यूनिवर्सिटी में करीब 16 घंटे तक चली मैराथन जांच के बाद ईडी की टीम ने निर्माण, जमीन खरीद, इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रस्ट को मिले चंदे से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। इसके अलावा 11 फर्मों का रिकॉर्ड भी टीम अपने साथ ले गई है। अब ईडी की नजर इस मामले के दानदाताओं पर टिकी है। यूनिवर्सिटी के निर्माण पर अनुमानित 494 करोड़ रुपये के खर्च और ट्रस्ट द्वारा दावा किए गए दान की सत्यता की गहनता से जांच की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

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