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    युवा टीम इंडिया को हल्के में नहीं ले रहा इंग्लैंड

    इंग्लैंड क्रिकेट टीम के प्रबंधन निदेशक और पूर्व क्रिकेटर रॉब की का मानना है कि भारत के विरुद्ध आगामी टेस्ट सीरीज रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक होगी। शुभमन गिल की कप्तानी में एक नई भारतीय टीम मैदान में उतरेगी, जिसमें कई खिलाड़ी पहली बार इंग्लैंड में खेलेंगे, लेकिन रॉब की उन्हें किसी भी सूरत में कमजोर नहीं मानते। रॉब की से नितिन नागर ने विशेष बातचीत की।

    पेश हैं प्रमुख अंश:

    सवाल- हेडिंग्ले को उपमहाद्वीपीय टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है, खासकर गर्मियों की शुरुआत में। क्या सीरीज की शुरुआत वहीं से करने का निर्णय रणनीतिक था?

    रॉब की- नहीं, यह कोई रणनीतिक निर्णय नहीं था। 2000 के दशक तक हेडिंग्ले की पिच में दरारें और असमान उछाल आम बात थी, लेकिन अब यह बल्लेबाजों के लिए सर्वश्रेष्ठ पिचों में से एक है। 2019 में बेन स्टोक्स की ऐतिहासिक पारी को याद करिए, वह यहीं खेली गई थी। इस बार बारिश भी कम हुई है, जिससे आउटफील्ड तेज है। मुझे लगता है कि यहां सीरीज की शुरुआत दोनों टीमों के लिए अच्छा अवसर है।

    सवाल- यह तय हो चुका है कि जसप्रीत बुमराह सभी टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे। क्या यह इंग्लैंड की रणनीति को प्रभावित करता है?

    रॉब की- बुमराह एक शानदार गेंदबाज हैं और उन्हें गेंदबाजी करते देखना हर किसी को पसंद है। लेकिन हमारी तैयारी किसी एक खिलाड़ी पर आधारित नहीं होती। हम उस टीम के अनुसार तैयारी करते हैं जो मैदान पर उतरती है। बुमराह का न खेलना भारतीय टीम के लिए बड़ा अंतर है, लेकिन हमारी योजना व्यापक होती है, केवल एक खिलाड़ी को लेकर नहीं।

    सवाल- आपने जैमी ओवरटन और जैकब बेथेल जैसे युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। क्या पांच टेस्ट की लंबी सीरीज में उनके प्रदर्शन और फिटनेस को लेकर आप आश्वस्त हैं?

    रॉब की- बिल्कुल। पहले जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे खिलाड़ी लगातार पांच टेस्ट खेलते थे और उन्होंने उच्च स्तर की फिटनेस कायम की। अब हेजलवुड और कमिंस हैं, जो मैदान पर उसी ऊर्जा के साथ उतरते हैं, ये उनके इतने वर्षों का परिश्रम है। आगामी सीरीज में हमारा तेज गेंदबाजी आक्रमण भले ही युवा हो, लेकिन हमें रणनीति के साथ बदलाव करने होंगे। तीसरे टेस्ट से हो सकता है कि आपको जोश टंग खेलते दिखें। रोटेशन को लेकर मेरा मत एकदम स्पष्ट है, जब आपको जरूरत हो आपको दूसरे गेंदबाजों को विश्राम देना चाहिए। इसलिए हमने ऐसे गेंदबाजों को चुना है जो बहुत सक्षम हैं।

    सवाल- क्रिस वोक्स की वापसी लंबे समय के बाद हुई है। क्या यह घरेलू हालात को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक फैसला था या उन्हें आप भविष्य की योजनाओं में भी देखते हैं?

    रॉब की- क्रिस वोक्स एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख मोड़ सकते हैं। उन्होंने पाकिस्तान और न्यूजीलैंड में शानदार प्रदर्शन किया है। जब वह टीम में होते हैं तो संतुलन बेहतर होता है। वह निश्चित रूप से हमारी लाल गेंद क्रिकेट योजना का हिस्सा हैं और हमें उनसे काफी उम्मीदें हैं।

    सवाल- भारत इस बार विराट कोहली और रोहित शर्मा के बिना आ रही है। उनके बिना भारतीय टीम का आकलन कैसे करते हैं और आप उनके योगदान को कैसे देखते हैं?

    रॉब की- विराट और रोहित जैसे खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट को जीवंत बना देते हैं। ओवल में रोहित की पारी और ट्रेंटब्रिज में विराट का शतक, इन पलों को भुलाया नहीं जा सकता। वह न केवल मैच के नतीजे बदलते हैं, बल्कि लाखों दर्शकों के लिए प्रेरणा भी हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमने उन्हें खेलते देखा है। कोहली जैसा टेस्ट बल्लेबाज शायद ही इस दौर में कोई और हो।

    सवाल- भारत इस बार युवा और अपेक्षाकृत अनुभवहीन खिलाड़ियों के साथ आ रहा है। क्या इंग्लैंड के पास शुरुआत में बढ़त लेने का अच्छा मौका है?

    रॉब की- यह जरूर एक युवा भारतीय टीम है, लेकिन उन्हें हल्के में लेना बहुत बड़ी गलती होगी। प्रतिभा उम्र नहीं देखती। ये युवा खिलाड़ी इंग्लैंड में पहली बार खेल सकते हैं, लेकिन उनमें परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढालने की जबरदस्त क्षमता है। यह दोनों टीमों के लिए नए सितारे उभारने का मौका है। स्टीव स्मिथ, विराट कोहली, केन विलियमसन और जो रूट के बाद हमें खोजना होगा कि अगले फैब फोर कौन होंगे। ऐसा ही गेंदबाजों को लेकर है।

    सवाल- बैजबॉल शैली ने टेस्ट क्रिकेट को नया रूप दिया है। क्या भारत के खिलाफ भी इंग्लैंड वही आक्रामक शैली अपनाएगा?

    रॉब की- बैजबॉल हमारे स्वाभाविक खेल का हिस्सा बन चुका है। हां, इससे हार भी मिली है, लेकिन हम इससे पीछे नहीं हटेंगे। हमने ऐसे खिलाड़ी चुने हैं जो आक्रामक शैली में खेल सकते हैं और साथ ही परिस्थिति के अनुसार खेल को बदलने की समझ भी रखते हैं। हमें पता है कब हमला करना है और कब धैर्य रखना है।

    सवाल- क्या आपको लगता है कि भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज लोकप्रियता के मामले में एशेज की बराबरी कर सकती है, खासकर भारत के वैश्विक प्रभाव को देखते हुए?

    रॉब की- बिल्कुल, इसमें कोई संदेह नहीं कि भारत अब क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज में रिकॉर्ड दर्शक पहुंचे थे। ऐसे में भारत-इंग्लैंड मुकाबला टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकता है। यह सीरीज केवल दो टीमों के बीच मुकाबला नहीं है, बल्कि क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देने वाला अवसर है।

    सवाल- यह सीरीज एक नई विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत भी है और साथ ही तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी का पहला संस्करण भी। ड्रेसिंग रूम में इस प्रतीकात्मकता को लेकर कैसा उत्साह है और इंग्लैंड के लिए इस अभियान की मजबूत शुरुआत करना कितना महत्वपूर्ण है?

    रॉब की- हां, यह एक शानदार पहल है। एंडरसन और तेंदुलकर जैसे नाम दोनों देशों में भावनात्मक जुड़ाव रखते हैं। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह सम्मानजनक पल है। खिलाड़ियों के लिए भी यह प्रेरणा का स्त्रोत है। यह सीरीज केवल ट्रॉफी के लिए नहीं, बल्कि विरासत के लिए खेली जाएगी। जहां तक इंग्लैंड की बात है तो हर टीम को विरोधी के सामने मजबूत शुरुआत की आवश्यकता होती है। ये एक रोमांचक और उतार-चढ़ाव से भरी सीरीज होगी क्योंकि दोनों ही टीमों में वापसी करने की क्षमता है।

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