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    गहलोत का BJP–RSS पर हमला: कहा, मुद्दों से ध्यान हटाने को ‘वंदे मातरम्’ का सहारा

    राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ‘वंदे मातरम्’ का सहारा ले रहे हैं. गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा कि जब दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण के कारण हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि स्वस्थ इंसान बीमार पड़ रहा है, बच्चे और बुजुर्ग सांसों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब संसद की प्राथमिकता ‘साफ हवा’ पर चर्चा होनी चाहिए थी |

    उन्होंने लिखा, लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी विफलताओं से घिरा बीजेपी-आरएसएस नेतृत्व मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ‘वंदे मातरम्’ का सहारा ले रहा है. अशोक गहलोत ने कहा कि राष्ट्रगीत का दिखावटी सम्मान करने वाली एनडीए सरकार ने काश उस भावना के अनुरूप काम किया होता जिसका वर्णन इस गीत में है, तो आज लाखों लोगों की सांसों में यह जहर नहीं घुलता |

    बंगाल चुनाव के कारण वंदे मातरम् पर चर्चा

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी तथा सरकार पर वंदे मातरम् को विवादित करने के महापाप का आरोप लगाया और दावा किया कि ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने एवं कुछ महीने बाद होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चलते राष्ट्रीय गीत पर सदन में चर्चा कराई गई है. उन्होंने सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि राष्ट्रीय गीत पर चर्चा की जरूरत नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह देश के कण-कण में बसा है तथा देश की भावना से जुड़ा है |

    लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष

    केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह भाषण अच्छा देते हैं, लेकिन तथ्यों में कमजोर हैं. प्रियंका गांधी का कहना था कि सत्तापक्ष को पंडित जवाहरलाल नेहरू पर बार-बार आरोप लगाने के बजाय इस पर संसद में चर्चा करा लेनी चाहिए ताकि एक ही बार सारी बातें हो जाएं और यह पूरा अध्याय हमेशा के लिए खत्म हो तथा बेरोजगारी, महंगाई और दूसरी चुनौतियों पर चर्चा हो |

    असलियत छिपाना चाहती है सरकार

    उन्होंने सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों की टोका-टाकी के बीच कहा, आज की यह चर्चा सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए की जा रही है क्योंकि यह सरकार असलियत छिपाना चाहती है. युवा परेशान हैं, पेपर लीक हो रहे हैं, बेरोजगारी है, महंगाई है, इसकी चर्चा हम क्यों नहीं कर रहे? आरक्षण के साथ हो रहे खिलवाड़ पर चर्चा क्यों नहीं कर रहे? उन्होंने कहा, प्रदूषण है, लेकिन हम इस सदन में बैठकर छोटी बाते कर रहे हैं. आप अतीत की बात करें, असली समस्याओं की बात नहीं करें, यही छोटी बात है |

    मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति

    प्रियंका गांधी ने कहा, सच्चाई यह है कि इनका शासन दमन का शासन है, इनकी राजनीति दिखावे की राजनीति है, इवेंट मैनेजमेंट की राजनीति है. चुनाव से चुनाव तक की राजनीति है, मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति है. उन्होंने सत्तापक्ष से कहा कि वंदे मातरम् उन्हीं उम्मीदों की गुहार है, जिन्हें आपका शासन हर रोज ठुकरा रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा, अपने देश की आत्मा के इस महामंत्र को विवादित करके आप महापाप कर रहे हैं. इस पाप में कांग्रेस शामिल नहीं होगी|

    आखिर पीएम मोदी किस बात से कतरा रहे थे?

    प्रियंका गांधी ने दावा किया, वंदे मातरम् की सालगिरह पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि 1896 में गुरूदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी ने पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गीत को ‘एक अधिवेशन’ में गाया. लेकिन प्रधानमंत्री जी यह नहीं बता पाए कि वो कांग्रेस का अधिवेशन था. आखिर मोदी किस बात से कतरा रहे थे? उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हर अधिवेशन में सामूहिक रूप से वंदे मातरम् गाया जाता है, लेकिन बीजेपी को बताना चाहिए कि उसके अधिवेशन में यह होता है या नहीं |

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