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    मुंबई जाना होगा और आसान: इंदौर से सीधा रेल मार्ग, दिसंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद

    इंदौर शहर का डेड एंड खत्म करने के लिए इंदौर-दाहोद रेल लाइन का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के इंदौर-धार रेल लाइन का काम तेज कर दिया है। पहले इस साल के अंत तक इंदौर से धार तक ट्रेन चलाई जाएगी। इस क्षेत्र में आज तक ट्रेन नहीं पहुंची है। पीथमपुर, सागौर, गुणावद, टीही में पटरियां बिछाने, स्टेशनों और ब्रिजों का काम तेजी से चल रहा है।

    सालों से अटका है प्रोजेक्ट

    204.76 किमी में इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट वर्षों से अटका है। प्रोजेक्ट के लिए 1873.10 करोड़ रुपए मिले हैं। सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि इंदौर-धार तक करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। धार लाइन से इंदौर का दाहोद, छोटा उदयपुर के जरिये मुंबई-गुजरात से सीधा जुड़ाव होगा। रतलाम रेल मंडल के पीआरओ खेमराज मीना ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की सबसे महत्वपूर्ण टीही टनल का काम अंतिम दौर में है। धार तक 21 ब्रिज बनने हैं, जिनमें से 19 का काम पूरा हो गया है। धार का स्टेशन मांडू के जहाज महल की प्रतिकृति में बनाया जा रहा है।

    इन रूटों पर चल रहा काम

    • इंदौर से टीही : 21 किमी-राऊ से धार के लिए रेल लाइन जानी है। राऊ से टीही तक 21 किमी ट्रैक बना है। टीही तक मालगाड़ियों का संचालन जारी है।
    • टीही से पीथमपुर : 8.29 किमी-इस हिस्से की लाइन टीही से शुरु होती है। टीही से पीथमपुर तक पटरियां बिछ चुकी हैं। राऊ से ट्रैक और पटरियों के बीच टनल का काम अंतिम दौर में है।
    • पीथमपुर से सागौर : 9.12 किमी-पीथमपुर से सागौर के बीच पटरियां बिछ गई हैं। पीथमपुर में स्टेशन की फिनिशिंग बाकी है। भूमि अधिग्रहण के कारण कुछ काम बाद में होगा।
    • सागौर से गुणावद : 15.14 किमी-4 किमी के हिस्से में ट्रैक डल गया है। बाकी में अर्थ वर्क का काम हो चुका है। पटरियां बिछाई जानी हैं। दो ब्रिज का काम शेष है, बाकी काम हो गए हैं। स्टेशन का काम अंतिम दौर में है।
    • गुणावद से धार: 14.02 किमी-9.8 किमी तक पटरियां डाली जा चुकी हैं। 2 ब्रिज का काम चल रहा है। धार में स्टेशन का स्ट्रक्चर खड़ा हो गया है। अर्थ वर्क के बाद पटरियां डाली जाएंगी। यहां स्टेशन मांडू के जहाज महल की तर्ज पर बनाया जा रहा है। धार से आगे तिरला तक अर्थ वर्क चल रहा है।

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