नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के कटनी में एक प्रशासनिक व कानूनी फेरबदल के तहत बड़ी गाज गिरी है। कन्हवारा गांव में हुई युवक झब्बू कोल की सनसनीखेज हत्या और उससे जुड़े विवादित भू-खंड सौदे के मामले में राज्य शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख, निलंबन के आदेश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य सचिव को संबंधित सीएसपी के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इस फैसले की पुष्टि की है। शासन ने दोटूक कहा है कि शांति एवं कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का दबाव, पद का दुरुपयोग अथवा विवेचना में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएसपी समेत तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज
इस प्रकरण में सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर हत्या के आरोपी को बचाने, आपराधिक षड्यंत्र रचने और करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को बेहद कम कीमत में बिकवाने में संलिप्तता के गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने सीएसपी के अलावा कांग्रेस नेता मारूफ अहमद हनफी और क्षितिज राज बारापत्रे के विरुद्ध धोखाधड़ी व साजिश की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। जबलपुर आईजी के निर्देशन में हुई प्राथमिक जांच के बाद सीएसपी दफ्तर को भी सील करने की कार्रवाई की गई।
हत्याकांड से उपजा पूरा विवादित भूमि मामला
पूरे विवाद की जड़ कुठला थाना अंतर्गत कन्हवारा गांव का झब्बू कोल हत्याकांड है। इस हत्या में रमेश लोधी को मुख्य आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि पुलिस द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंदर अदालत में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई, जिससे विवेचना संदेह के घेरे में आ गई। इसी दौरान आरोपी रमेश की कीमती संपत्ति को हथियाने का खेल शुरू हुआ।
प्राप्त विवरण के अनुसार, 15 अप्रैल को रमेश लोधी के स्वामित्व वाली खसरा नंबर 2618/1 की भूमि की रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी के नाम कर दी गई। इसके ऐवज में रमेश को केवल 15 लाख रुपये का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि शासकीय मूल्यांकन के आधार पर इस विवादित जमीन की वास्तविक कीमत 82 लाख 86 हजार 930 रुपये तय थी। बाजार मूल्य से बेहद कम दाम में नामांतरण कराने और पुलिसिया संरक्षण देने का खुलासा होने के बाद यह कठोर कदम उठाया गया है।


