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    ‘मैं तो खाली कर रहा हूं, बाकी पार्टी तय करेगी’, राज्यसभा सीट पर दिग्विजय का बयान

    भोपाल: मध्य प्रदेश से तीसरी बार राज्यसभा जाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है. उन्होंने ने कह दिया है कि वे अब राज्यसभा में नहीं जाएंगे. मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने साफ कर दिया कि वे सीट खाली कर रहे हैं. रेस से बाहर हो जाने के बाद अब कांग्रेस से कमलनाथ, जीतू पटवारी, अरुण यादव और कमलेश्वर पटेल की मजबूत दावेदारी है. कांग्रेस में राज्यसभा सीट के लिए खींचतान मची हुई है. हर खेमे से कार्यकर्ता अपने नेता के लिए बैटिंग कर रहे हैं. आज से ढाई महीने बाद 9 अप्रैल को राज्यसभा से दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है.

    दिग्विजय बोले मैं तो सीट खाली कर रहा हूं

    जिस समय कांग्रेस में राज्यसभा सीट के लिए चिट्ठी पत्री के साथ सियासी घमासान मचा हुआ है. कमलनाथ, जीतू पटवारी, अरुण यादव और कमलेश्वर पटेल जैसे दिग्गजों के नाम राज्यसभा की दौड़ में आगे बताए जा रहे हैं. ऐसे में 9 अप्रैल को अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में ये स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्यसभा की सीट खाली कर रहे हैं.

    दिग्विजय सिंह से पूछा गया था कि राज्यसभा में जाने के लिए कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आपको चिट्ठी लिखी है कि राज्यसभा में अनुसूचित जाति को अवसर दिया जाए. इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि "ये निर्णय तो पार्टी करेगी की कि किसे भेजना है, लेकिन मैं इतना स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं राज्यसभा की सीट खाली कर रहा हूं." ये कहकर दिग्विजय सिंह ने उनके राज्यसभा में तीसरी पारी की दावेदारी को लेकर जुड़ी सारी अटकलों पर एक वाक्य में विराम लगा दिया है.

    राज्यसभा के लिए कांग्रेस से कितने दावेदार

    दिग्विजय सिंह के मैदान से हट जाने के बाद अब भी कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. कमलनाथ लंबे समय से मध्य प्रदेश समेत राष्ट्रीय राजनीति में पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं. विधानसभा चुनाव हारे जीतू पटवारी प्रदेश अध्यक्ष की जवाबदारी बेशक संभाले हैं, लेकिन वे भी राज्यसभा सांसद के पद की दौड़ में हैं. इनके अलावा पार्टी में गुटबाजी को लेकर खरीखरी कह चुके कमलेश्वर पटेल भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. कमलेश्वर पटेल ने बीते दिनों नसीहत देते हुए प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और जीतू पटवारी से कहा था कि "मुखिया मुख सो चाहिए खान पान को एक." इनके अलावा यूपीए सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहे अरुण यादव भी लंबे समय से हाशिए पर हैं और राज्यसभा के जरिए राह बनाना चाहते हैं.

    अब क्या है राज्यसभा का मध्य प्रदेश में गणित?

    मध्य प्रदेश में 9 अप्रैल से राज्यसभा सीटों के खाली होने का सिलसिला शुरू होने जा रहा है. करीब ढाई महीने बाद पहली सीट दिग्विजय सिंह की खाली हो रही है. 9 अप्रैल को ये सीट खाली हो जाएगी. इसके बाद मई तक 2 और सीटें खाली होनी है. मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें और बीजेपी कांग्रेस इन 2 सीटों का जो संख्या बल है. उसमें बीजेपी के पास 163 सीटें हैं, जबकि विपक्ष कांग्रेस के पास 66 सीटें. एक सीट के लिए करीब 39 वोट चाहिए होते हैं.

     

    इस संख्या को सदन में ताकत के हिसाब से देखें तो, बीजेपी की ज्यों की त्यों तीन सीटों में से 2 बीजेपी के हिस्से में ही रहेंगी, जबकि 1 सीट जिसे दिग्विजय सिंह खाली कर रहे हैं कांग्रेसी खाते में होगी. कुछ ही दिनों के अंतर से जो सीटें खाली होंगी उसमें मोदी सरकार में राज्य मंत्री जार्ज कुरियन हैं. इनके अलावा सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल खत्म होने वाला है. दिग्विजय सिंह का कार्यकाल सबसे पहले खत्म होगा.

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