समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की काशीपुर शाखा से व्यवसायिक ऋण प्राप्त करके उसके कथित दुरुपयोग तथा बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के गंभीर मामले में स्थानीय पुलिस ने जनसुराज से जुड़े नेता आशुतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। करीब चार वर्ष पूर्व दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई करते हुए आरोपी को अपनी हिरासत में लिया है और फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है, जिसके पश्चात नियमानुसार आगामी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वर्ष 2018 में प्रिंटिंग प्रेस के नाम पर लिया गया था कमर्शियल लोन
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान समस्तीपुर नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुसापुर वार्ड संख्या 6 निवासी विश्वनाथ ठाकुर के पुत्र आशुतोष कुमार के रूप में हुई है, जो वर्तमान में जनसुराज संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। पुलिस के दस्तावेजों के अनुसार, आशुतोष कुमार ने वर्ष 2018 के दौरान 'ओंकार प्रिंटिंग प्रेस' के नाम का हवाला देकर एसबीआई की काशीपुर शाखा से कुल 19 लाख 28 हजार 500 रुपये का भारी-भरकम व्यावसायिक ऋण स्वीकृत करवाया था।
किस्तों के भुगतान में लगातार लापरवाही पर खाता एनपीए घोषित
बैंक प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, लोन की राशि स्वीकृत होने के बाद उसका इस्तेमाल निर्धारित व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया गया और न ही समय पर किस्तों का नियमित भुगतान किया गया। इसी वित्तीय लापरवाही और लगातार डिफॉल्ट होने के चलते बैंक ने इस ऋण खाते को एनपीए यानी नॉन-परफॉर्मिंग एसेट घोषित कर दिया था, जिसके बाद रिकवरी और कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया शुरू हुई।
बैंक निरीक्षण के दौरान खुली पोल और ब्याज समेत बढ़कर हुई बकाया राशि
एसबीआई काशीपुर शाखा के तत्कालीन उप प्रबंधक द्वारा वर्ष 2022 में नगर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में इस बात का खुलासा हुआ था कि बैंक अधिकारियों द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई थीं, जिन्हें बैंक ने ऋण राशि का गबन और धोखाधड़ी करार दिया था। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2018 में लिया गया 19,28,500 रुपये का वह मूल ऋण अब ब्याज तथा अन्य शुल्कों के जुड़ने के बाद बढ़कर 20 लाख 6 हजार 361 रुपये से भी अधिक पहुंच चुका है, जिस पर नगर थानाध्यक्ष अजित कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।


