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    झारखंड में शिमला-मनाली जैसा फील: झमाझम बारिश और ठंडी हवाओं से गुलजार हुआ मौसम

    रांची | झारखंड के निवासियों को पिछले काफी समय से जारी भीषण तपन और उमस भरे मौसम से शुक्रवार सुबह बड़ी निजात मिली है। सुबह की शुरुआत से ही प्रकृति का एक अलग रूप देखने को मिला। ठंडी और तेज हवाओं के साथ शुरू हुई रिमझिम फुहारों ने राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम को बेहद खुशनुमा और सुहाना बना दिया है। आसमान में उमड़ते बादलों और रिमझिम बारिश के चलते लोगों को स्थानीय स्तर पर ही पर्वतीय इलाकों जैसी ठंडक का अनुभव होने लगा। चिलचिलाती धूप से परेशान आम जनता इस बदले हुए सुहावने मौसम का जमकर लुत्फ उठा रही है।

    फुहारों से गिरा पारा, खिले लोगों के चेहरे

    सुबह लगभग 8 बजे के बाद राज्य के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा का दौर शुरू हुआ, जिसके चलते अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस मौसमी बदलाव से पार्कों, बाजारों और सड़कों पर आवाजाही करने वाले लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस खुशनुमा बदलाव का स्वागत करते दिखे। लोग अपने घरों की छतों और बालकनियों में आकर मानसूनी फुहारों का आनंद ले रहे हैं, तो वहीं घरों में चाय और पकौड़ों के साथ इस सुहावने मौसम का स्वागत किया जा रहा है।

    एक दर्जन से अधिक जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'

    मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के समूचे हालात को देखते हुए कई जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 मई को झारखंड के ज्यादातर इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। इसके साथ ही मेघगर्जन, तेज बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी खतरा बना हुआ है। इस मौसमी तंत्र का सबसे ज्यादा असर रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, धनबाद, देवघर, दुमका, गिरिडीह और पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में देखने को मिल सकता है।

    आपदा प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सतर्कता

    खराब मौसम की आशंका के बीच मौसम विभाग ने आम जनता के लिए विशेष गाइडलाइन जारी कर सतर्क रहने को कहा है। लोगों को हिदायत दी गई है कि कड़कती बिजली के दौरान वे खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों व तारों के आसपास बिल्कुल न खड़े हों। ग्रामीण इलाकों और खेतों में काम करने वाले किसानों को भी इस दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर, किसी भी अप्रिय स्थिति या संभावित नुकसान से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और आपदा प्रबंधन की टीमों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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