More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशटोल विवाद में गई जान, परिजनों ने NHAI अफसरों पर हत्या का...

    टोल विवाद में गई जान, परिजनों ने NHAI अफसरों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की उठाई मांग

    इंदौर।  इंदौर बायपास पर लगे जाम में हुई एक व्यक्ति की मौत और चोरल की सुरंग ढह जाने से हुई दो लोगों की मौत के मामले में एनएचएआई के अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठ रही है।
     
    टोल कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए जाम लगवाया

    किसान नेता हंसराज मंडलोई ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण के अधिकारी सुरेश बांझल एवं वी. नागेश्वरम पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टोल कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश में बायपास पर जाम लगा है। बायपास और पुराने मुंबई आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एनएचएआई 20-25 साल से टोल वसूल कर रहा है। इसके रखरखाव के साथ अन्य जवाबदारी भी इसी विभाग की है। इसके बाद भी अधिकारियों ने टोल कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए नेताओं के साथ सांठगांठ करके मांगलिया व्यासखेड़ी रोड को बंद करवा दिया। इसके कारण निरंजनपुर से देवास तक जाम लगा और उसके साथ ही बायपास के ऊपर भी महाजाम लग गया। मंडलोई ने बताया कि गाड़ियां वैकल्पिक रास्तों से जाती तो टोल नहीं मिलता, गाड़ियों को टोल वाले रास्ते से जबरदस्ती गुजारा गया, जिससे जाम लगा और लोग परेशान हुए। 

    पहले ही वैकल्पिक रास्ते तैयार करना थे

    मंडलोई ने बताया कि इतना हल्ला होने के बाद सर्विस रोड सुधारा गया, जबकि अधिकारियों का काम था पहले वैकल्पिक रास्तों का सीमेंटीकरण करते एवं अन्य रास्तों को सुधारते। इसके बाद पुल-पुलियाओं का काम चालू करते। ठेकेदार और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने अपना हित साधने के लिए वैकल्पिक रास्तों का निर्माण नहीं किया और न ही अन्य रास्ते सुधारे। चोरल में सुरंग बनाते समय दो मजदूरों की मौत का मामला भी गंभीर है। इसमें भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

    नेताओं का व्यवहार अक्षम्य

    सामाजिक कार्यकर्ता सुनील जोशी ने कहा कि नेताओं का व्यवहार अक्षम्य रहा। जिस तरह से लोगों की जान गई और बाद में नेता एक दूसरे पर आरोप मढ़ते रहे वह बेहद घटिया स्तर की राजनीति थी। जब हर अच्छे काम की जिम्मेदारी नेता लेते हैं तो फिर हादसों के समय क्यों भागने लगते हैं। अधिकारियों ने भी मानवीयता नहीं दिखाई वरना लोगों की जान नहीं जाती। समय रहते चेत जाते तो यह सब नहीं होता। जब लोगों की जान गई तब सड़क पर उतरे। 

    सड़कें जनता के लिए है या सिर्फ वीआईपी के लिए

    देवास नाका के रहवासी अभय बाथम ने कहा कि क्या सड़क नेताओं और अधिकारियों ने अपने लिए बनवाई है। कह रहे हैं कि लोग सड़क पर जल्दी क्यों निकलते हैं। सड़क पर जल्दी निकलें या देर से निकलें, सड़क जनता के लिए है या फिर सिर्फ वीआईपी के लिए। कुछ कहने से पहले भी सोचना चाहिए। इस तरह के बयान देने वालों पर भी कार्रवाई होना चाहिए। 

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here