More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशफर्जी डॉक्टर पर बड़ा एक्शन! इंदौर में दो क्लीनिक सील, स्वास्थ्य विभाग...

    फर्जी डॉक्टर पर बड़ा एक्शन! इंदौर में दो क्लीनिक सील, स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी

    इंदौर:मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लोगों की सेहत का सौदा करने वाले फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में औचक निरीक्षण किया और नियमों को ताक पर रखकर चल रहे दो क्लीनिकों को मौके पर ही सील कर दिया।

    इलेक्ट्रोहोम्योपैथी की आड़ में अंग्रेजी इलाज

    कार्रवाई की शुरुआत अर्बन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिव्यानी अहरवाल के नेतृत्व में हुई। टीम जब 'ओम साईं क्लीनिक' पहुंची, तो वहां की हकीकत देखकर दंग रह गई। क्लीनिक का संचालक कमल गुर्जर सिर्फ इलेक्ट्रोहोम्योपैथी की डिग्री लेकर बैठा था, लेकिन वह मरीजों को धड़ल्ले से भारी-भरकम एलोपैथिक (अंग्रेजी) दवाइयां लिख रहा था। बिना जरूरी योग्यता के इस तरह का इलाज सीधे तौर पर मरीजों की जान जोखिम में डालना था।

    नोटिस को किया नजरअंदाज, प्रशासन ने सिखाया सबक

    जांच में यह भी सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग ने कमल गुर्जर को 20 जून को ही अपना बोरिया-बिस्तर समेटने और क्लीनिक बंद करने की लिखित हिदायत दी थी। इसके बावजूद उसने सरकारी आदेशों को ठेंगे पर रखा और क्लीनिक चलाना जारी रखा। शनिवार को जब डॉ. दिव्यानी अहरवाल ने अचानक वहां छापा मारा, तो कमल रंगे हाथों एलोपैथिक पद्धति से इलाज करता हुआ पकड़ा गया, जिसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए क्लीनिक पर ताला जड़ दिया गया।

    मुसाखेड़ी का 'संजीवनी क्लीनिक' भी बंद

    प्रशासन का यह डंडा मुसाखेड़ी के अभिषेक नगर में चल रहे 'संजीवनी क्लीनिक' पर भी चला। इस क्लीनिक का कर्ता-धर्ता दिनेश गुर्जर नाम का व्यक्ति था। जांच में पाया गया कि दिनेश के पास न तो कोई वैध मेडिकल डिग्री थी और न ही क्लीनिक चलाने से जुड़े जरूरी कानूनी दस्तावेज। इसे भी पहले चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन कोई बदलाव न देखकर टीम ने इस फर्जी क्लीनिक को भी पूरी तरह से बंद करवा दिया।

    स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी: जारी रहेगा अभियान

    इस बड़ी कार्रवाई को लेकर इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव हासानी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। शहर में जो भी व्यक्ति बिना वैध अर्हता (डिग्री) या बिना कानूनी अनुमति के क्लिनिक चलाता पाया जाएगा, उसके खिलाफ इसी तरह सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here