More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशलोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, समिति प्रबंधक की संपत्ति देख अधिकारी भी हैरान

    लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, समिति प्रबंधक की संपत्ति देख अधिकारी भी हैरान

    धार। इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने जिले के नालछा स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के तीन ठिकानों पर बड़ी छापामार कार्रवाई की है। लोकायुक्त को सूचना मिली थी कि आरोपी प्रबंधक ने अपने 20 वर्षों के सेवाकाल के दौरान अपनी वैध आय से 271 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। प्रारंभिक जांच में लगभग 2 करोड़ 41 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ है।

    छापेमारी में आलीशान मकान, कृषि भूमि व वाहनों का खुलासा

    लोकायुक्त की टीमों द्वारा सोडपुर, नालछा और मांडव स्थित ठिकानों पर की गई कार्रवाई में व्यापक पैमाने पर चल-अचल संपत्ति का पता चला है। जांच में सोडपुर में 2400 वर्गफीट का दो मंजिला आलीशान मकान, नालछा में व्यावसायिक भवन तथा पत्नी कविता ठाकुर के नाम पर 3 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पाई गई है। इसके अलावा जेसीबी, ट्रैक्टर, टीयूवी कार और बुलेट सहित कई वाहन बरामद हुए हैं। लोकायुक्त के अनुसार आरोपी को पूरे सेवाकाल में लगभग 65 लाख रुपये वेतन प्राप्त हुआ, जबकि उसने 2.41 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटाई है।

    <script async src=”https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-2925160864793093″
    crossorigin=”anonymous”></script>
    <ins class=”adsbygoogle”
    style=”display:block; text-align:center;”
    data-ad-layout=”in-article”
    data-ad-format=”fluid”
    data-ad-client=”ca-pub-2925160864793093″
    data-ad-slot=”1885351670″></ins>
    <script>
    (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
    </script>

    बेनामी संपत्ति और कृषि उपकरणों का आकलन

    कार्रवाई के दौरान प्रबंधक की बेनामी संपत्ति होने का भी पता चला है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। विभिन्न संपत्तियों पर मिले कृषि यंत्रों, ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों के स्वामित्व तथा उनके वास्तविक मूल्य का मूल्यांकन किया जा रहा है।

    भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

    लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में तीन अलग-अलग टीमों द्वारा सर्चिंग और दस्तावेजों की जांच जारी है। आरोपी प्रबंधक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)बी और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार दस्तावेजों के गहन परीक्षण के पश्चात कुल अनुपातहीन संपत्ति का अंतिम आकलन किया जाएगा।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here