More
    Homeराज्यछत्तीसगढ़कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम की बड़ी कार्रवाई

    कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम की बड़ी कार्रवाई

    रायपुर :  कृषि विभाग के उड़नदस्ता दल द्वारा समय-समय पर खाद, बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता जांचने और कालाबाजारी रोकने के लिए औचक निरीक्षण किए जाते हैं। हाल ही में कई जिलों में उड़नदस्ता टीमों ने बड़ी कार्रवाई की। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने तथा खाद-बीज की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से दुर्ग जिले में कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार कृषि विभाग की जिला स्तरीय उड़नदस्ता टीम द्वारा जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विभिन्न निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है।

    7 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी

          उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक जिले के 135 निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान स्टॉक संधारण में अनियमितता तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर 7 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    अनुज्ञप्ति में अतिरिक्त स्रोतों का समावेश किए बिना उत्पाद का हो रहा था विक्रय

          निरीक्षण के दौरान फालेन्द्र कृषि केन्द्र, सेलूद से 18.5 लीटर, शीतल कृषि केन्द्र, रानीतराई से 19 लीटर तथा देवेश साहू कृषि केन्द्र, धमधा से 5 लीटर बायो-स्टिम्यूलेंट जब्त किया गया। इन केंद्रों द्वारा उर्वरक अनुज्ञप्ति में अतिरिक्त स्रोतों का समावेश किए बिना उत्पादों का विक्रय किया जा रहा था।

    निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों की बिक्री पर जब्ती

             इसी प्रकार मेसर्स ऋषभराज फर्टिलाइजर में यूरिया एवं एनपीके उर्वरक के भंडारण एवं विक्रय में अनियमितता पाई गई। वहीं मेसर्स विद्या कृषि केन्द्र, बोरी तथा मेसर्स कृषि सेवा केन्द्र, पाटन में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों की बिक्री किए जाने के मामले सामने आए। इन प्रकरणों में संबंधित उर्वरकों को जब्त कर कलेक्टर न्यायालय में कार्रवाई हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया गया है। 

    अमानक उर्वरक पर 5 विक्रय केंद्रों नोटिस जारी

            कृषि विभाग द्वारा लिए गए उर्वरक नमूनों के परीक्षण में 5 विक्रय केंद्रों के उर्वरक अमानक स्तर के पाए गए हैं। ऐसे उर्वरकों के जिले में विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगाते हुए संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने, कालाबाजारी करने, अमानक उर्वरकों का विक्रय करने अथवा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए जाने के साथ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

    विभाग की किसानों से अपील

           विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों को किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी या अधिक मूल्य वसूली की शिकायत निकटतम कृषि विभाग कार्यालय में तत्काल दर्ज कराएं। खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी जारी रहेगी।
     

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here