कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी की कड़ी शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को युवा पीढ़ी को डराने और उनकी मुखर आवाज को दबाने का एक गंभीर प्रयास करार दिया है। साथ ही, उन्होंने देश के लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी नागरिकों से एकजुट होकर आगे आने की पुरजोर अपील की है।
अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश साझा करते हुए पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि देश के नागरिकों ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को पाने के लिए कई पीढ़ियों तक कड़ा संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक लड़ाई को रुकने नहीं देना है, बल्कि इसे वर्तमान और भविष्य के लिए निरंतर आगे बढ़ाते रहना बेहद जरूरी है।
गिरफ्तारी पूरी तरह अस्वीकार्य
सीजेपी नेताओं की सलाखों के पीछे भेजे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ममता बनर्जी ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि यह समय आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए एक मंच पर खड़े होने का है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के नागरिकों को अपने मौलिक और संवैधानिक अधिकारों के सामने कभी भी किसी भी स्थिति में समर्पण नहीं करना चाहिए।
बंगाल में राजनीतिक उत्पीड़न का आरोप
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने केंद्र और अन्य सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अकेले पश्चिम बंगाल में इस समय चौदह हजार से अधिक लोग पुलिसिया और राजनीतिक अत्याचारों का सामना करने को विवश हैं।
अंत में युवाओं का समर्थन करते हुए टीएमसी प्रमुख ने कहा कि जो सरकारें जनता के कल्याण के बुनियादी सिद्धांतों को भूल चुकी हैं, उनका पतन अब तय है। उन्होंने देश के लाखों युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी 'दीदी' हर परिस्थिति में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी हैं और आगे भी रहेंगी। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि आइए, हम सब मिलकर अपनी मातृभूमि भारत और उसके लोकतंत्र को बचाएं।


