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    शहर में मेट्रो की रफ्तार बढ़ी, 80 एकड़ जमीन के लिए कार्रवाई शुरू

    भोपाल: भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना को गति देने के लिए प्रशासन ने अब 'मिशन मोड' में काम शुरू कर दिया है। शहर के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी के बीच कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए 80 एकड़ भूमि के तत्काल हस्तांतरण के आदेश दिए हैं।

    कलेक्टर के सख्त निर्देश: हटेगी आरा मशीनें, तेजी से होगा अधिग्रहण
    मेट्रो के एक्सचेंज स्टेशन के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं:

    विस्थापन:मेट्रो मार्ग में आ रही आरा मशीनों को तुरंत शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए वन, राजस्व और एमआइडीसी के अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। धारा 19 की कार्रवाई: भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों को धारा 19 के तहत प्राथमिकता पर निपटाने और सभी एसडीएम को चिह्नित भूमि का सीमांकन कर कंपनी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। विवादों का समाधान: कलेक्टर ने कहा है कि जहाँ कोई विवाद नहीं है, वहाँ मेट्रो कंपनी तत्काल काम शुरू करे और जहाँ भूमि संबंधी अड़चनें हैं, उन्हें तुरंत उनके संज्ञान में लाया जाए।

    ऑरेंज और ब्लू लाइन का विस्तार
    भोपाल मेट्रो का जाल शहर के दो प्रमुख रूटों पर बिछाया जा रहा है: ऑरेंज लाइन: यह सुभाष नगर से शुरू होकर बोर्ड ऑफिस होते हुए एम्स तक जाएगी।  लाइन: भदभदा डिपो से शुरू होकर रोशनपुरा, पुल बोगदा, गोविंदपुरा और पिपलानी होते हुए रत्नागिरी तिराहा तक का सफर तय करेगी।

    अंडरग्राउंड रूट: टीबीएम की चुनौती
    परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा 3.36 किमी लंबी अंडरग्राउंड लाइन है, जो ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी तक भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड के नीचे से गुजरेगी। बीएम का उपयोग: फिलहाल एक टनल बोरिंग मशीन (TBM) काम पर है, जबकि दो अन्य को उतारा जाना बाकी है। अंडरग्राउंड स्टेशन: इस कॉरिडोर में 180 मीटर लंबे दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनेंगे। नादरा बस स्टैंड के पास 143 मीटर लंबे स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आएगी।

    मानसून से पहले की तैयारी
    इंजीनियर्स का मानना है कि जून में मानसून की दस्तक के बाद जमीन की गहराई में काम करना काफी कठिन हो जाता है। इसी कारण अक्टूबर से पहले टनल के काम में तेजी आना मुश्किल है। प्रशासन की कोशिश है कि बारिश से पहले भूमि अधिग्रहण और प्रारंभिक सिविल कार्यों को निपटा लिया जाए, ताकि देरी को कम किया जा सके।

    बैठक में मौजूदगी
    इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर सुमित पांडे, नगर निगम के अपर आयुक्त और मेट्रो मंडल प्रबंधक सहित सभी संबंधित एसडीएम उपस्थित रहे।
     

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