इंदौर| मध्य प्रदेश से इस वक्त एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण राजनीतिक व सामाजिक खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज से मध्य प्रदेश के आधिकारिक प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे आगामी 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश में ही प्रवास करेंगे। आज यानी 2 अक्टूबर को उनके इंदौर पहुँचने का विशेष कार्यक्रम है, जहाँ वे संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके पश्चात 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक इंदौर नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अत्यंत महत्वपूर्ण 'अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल' की बैठक संपन्न होगी।
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक और प्रमुख एजेंडा
संघ के संगठनात्मक कैलेंडर के अनुसार यह बैठक वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण और अहम बैठकों में से एक मानी जाती है। इस उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के देश भर के सभी 46 प्रांतों के प्रांतीय पदाधिकारी और शीर्ष नेतृत्व के सदस्य सम्मिलित होंगे।
इस बैठक के मुख्य एजेंडे में पिछले एक वर्ष के दौरान सांगठनिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करना शामिल है। इसके अलावा, आगामी एक साल की कार्ययोजना पर गहन मंथन किया जाएगा। संघ के आगामी शताब्दी वर्ष (Centenary Year) के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और उनके धरातल पर क्रियान्वयन की भी बारीकी से समीक्षा प्रस्तावित है। साथ ही, संगठन के भीतर कुछ संभावित सांगठनिक बदलावों और आगामी रणनीतियों पर भी इस दौरान गंभीर चर्चा होने की पूरी संभावना है।
बालाघाट प्रवास और विजयदशमी पर्व की विशेष तैयारियां
इंदौर में आयोजित होने वाली इस तीन दिवसीय अखिल भारतीय बैठक के संपन्न होने के तुरंत बाद, 5 अक्टूबर के उपरांत 6 अक्टूबर को सरसंघचालक मोहन भागवत के बालाघाट जिले के दौरे का कार्यक्रम तय किया गया है। बालाघाट प्रवास के दौरान वे स्थानीय संघ कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे और विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता निभाएंगे।
इस दौरे के दौरान आगामी विजयदशमी के पावन पर्व पर होने वाले आयोजनों को लेकर भी विशेष रूप से विचार-विमर्श किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हर वर्ष विजयदशमी के अवसर पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन करता है, परंतु इस बार संघ का शताब्दी वर्ष होने के कारण ये सभी कार्यक्रम और अधिक व्यापक, ऐतिहासिक तथा विशाल स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। संगठन की दृष्टि से सरसंघचालक का यह मध्य प्रदेश दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।


