कैबिनेट बैठक ने योजनाओं पर लगाई मुहर, उड़द पर 600 रुपये बोनस का ऐलान
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार (24 फरवरी) को कैबिनेट बैठक आयोजित हुई, जिसमें किसानों से जुड़ी कई अहम योजनाओं पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना समेत कुल 5 प्रमुख योजनाओं के लिए लगभग 10,500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
राज्य सरकार वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसी क्रम में आगामी पांच वर्षों (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) के लिए इन योजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
इन प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
सरसों उत्पादक किसानों को केंद्र सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम से लाभान्वित करने के लिए भावांतर योजना (सरसों) को मंजूरी।
धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नकदी फसल उत्पादक किसानों के लिए 3,285 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना को स्वीकृति।
तिलहन उत्पादक किसानों के लिए 1,793 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल सीड योजना को मंजूरी।
प्राकृतिक खेती के क्षेत्रफल में विस्तार हेतु 1,011.59 करोड़ रुपये की नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना स्वीकृत।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 2,393 करोड़ रुपये की मंजूरी।
पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 2,008 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
उड़द उत्पादकों को 600 रुपये बोनस
मोहन कैबिनेट ने उड़द की फसल का उत्पादन करने वाले किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने के निर्णय को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरसों उत्पादक किसानों को 71 लाख टन उत्पादन के लिए भावांतर योजना के तहत भुगतान किया जा चुका है।
सरकार के इस फैसले को किसान कल्याण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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