नागपुर। आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और ध्वनि व दृष्टि प्रदूषण पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए नागपुर पुलिस प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने सार्वजनिक समारोहों और जुलूसों में डीजे (DJ), मॉडिफाइड हाई-पावर साउंड सिस्टम, तेज रोशनी वाली बीम और लेजर लाइट के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने यह प्रतिबंधात्मक आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत लागू किया है।
प्रतिबंध की समय-सीमा और प्रमुख प्रावधान
डीजे और साउंड सिस्टम पर रोक: डीजे सिस्टम, टॉप-मिड-बास मल्टी-स्पीकर सेटअप, प्लाज्मा साउंड सिस्टम और तेज आवाज वाले एम्प्लीफायर से लैस मॉडिफाइड वाहनों के संचालन पर 3 सितंबर से 1 नवंबर 2026 तक पूर्ण रोक रहेगी।
लेजर व बीम लाइट पर पाबंदी: आंखों को प्रभावित करने वाली तेज रोशनी वाली बीम लाइट और लेजर बीम के इस्तेमाल पर 3 सितंबर से 8 सितंबर 2026 तक प्रतिबंध रहेगा।
प्रतिबंध के मुख्य कारण और मानक
दुर्घटना व स्वास्थ्य जोखिम: पुलिस के अनुसार, अत्यधिक तीव्र बीम और लेजर लाइट से आम नागरिकों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने और वाहन चालकों की दृश्यता बाधित होने का गंभीर खतरा रहता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
ध्वनि प्रदूषण सीमा से छूट: 'ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000' के तहत निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर संचालित होने वाले सामान्य पारंपरिक साउंड सिस्टम पर यह रोक लागू नहीं होगी।
आयोजकों और संचालकों को उपकरण सील रखने के निर्देश
पुलिस कमिश्नर ने सभी डीजे संचालकों, साउंड सिस्टम और लाइट मालिकों के साथ-साथ विभिन्न उत्सव समितियों और गणेश/दुर्गा उत्सव मंडलों के आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिबंधित उपकरणों को इस अवधि के दौरान पूरी तरह सील रखें और इनका प्रयोग न करें। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और संबंधित अधिनियमों के तहत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


