कटनी/जबलपुर। कटनी मुख्य रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर एक अज्ञात महिला का शव मिलने से स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया। इस घटना ने रेलवे प्रशासन, आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की कार्यप्रणाली, उनकी गश्त के दावों और मानवीय संवेदनाओं पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस प्लेटफॉर्म पर चौबीसों घंटे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों की भारी आवाजाही रहती है, वहां घंटों एक शव लावारिस हालत में पड़ा रहा। लोग आते-जाते रहे, लेकिन किसी ने शव को ढकने तक की जहमत नहीं उठाई। जिम्मेदार सुरक्षा एजेंसियां और रेल प्रशासन इस दौरान पूरी तरह मूकदर्शक बने रहे, जो सीधे तौर पर शव की अवमानना को दर्शाता है।
ओवरब्रिज के पास संदिग्ध हालत में मिली लाश, सुबह ही दी गई थी सूचना
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मृत महिला का शव प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर जबलपुर छोर की तरफ बने ओवरब्रिज के पास संदिग्ध परिस्थितियों में देखा गया था। शव को देखते ही सजग यात्रियों ने तुरंत इसकी जानकारी वहां तैनात स्थानीय रेल स्टाफ को दी थी। लेकिन इसके बाद प्रशासनिक सुस्ती का जो नजारा दिखा, उसने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।
लापरवाही की टाइमलाइन: 5 घंटे तक फाइलों और मेमो में उलझा रहा सिस्टम
इस पूरी घटना के दौरान रेलवे और पुलिस की कछुआ चाल को इन समय-सीमाओं से आसानी से समझा जा सकता है:
सुबह 06:00 बजे: स्टेशन पर तैनात रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को प्लेटफॉर्म पर अज्ञात महिला का शव होने की पुख्ता जानकारी मिल चुकी थी।
सुबह 07:30 बजे: सूचना मिलने के बावजूद, रेलवे प्रशासन को जीआरपी को केवल एक आधिकारिक मेमो (लिखित सूचना) भेजने में पूरे डेढ़ घंटे का लंबा वक्त लग गया।
सुबह 11:00 बजे तक: मेमो मिलने के बाद भी जीआरपी की सुस्ती का आलम यह रहा कि सुबह 11 बजे तक शव को प्लेटफॉर्म से नहीं उठाया गया था।
कुल मिलाकर 5 घंटे से अधिक समय तक शव उसी हालत में यात्रियों के बीच पड़ा रहा। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त की कोशिशें शुरू कर दी हैं, लेकिन इस घोर लापरवाही को लेकर यात्रियों में भारी आक्रोश है।


