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    Homeराज्यछत्तीसगढ़NMDC ने दंतेवाड़ा में ग्रामीण विकास की नई पहल शुरू की

    NMDC ने दंतेवाड़ा में ग्रामीण विकास की नई पहल शुरू की

    दंतेवाड़ा के विकास के लिए NMDC की बड़ी पहल: सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, 'आत्मनिर्भर बस्तियां' बनाने का लक्ष्य

    दंतेवाड़ा| छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के कायाकल्प के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी NMDC ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) अमिताभ मुखर्जी ने अपनी टीम के साथ जमीनी स्तर पर उतरकर एक दर्जन से अधिक गांवों के सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों से 'फेस-टू-फेस' संवाद किया। इस सीधी चर्चा का मुख्य उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों की रोजमर्रा की समस्याओं को समझना और उनके त्वरित समाधान हेतु कार्ययोजना तैयार करना था।

    बुनियादी ढांचों पर विशेष ध्यान: पानी, सड़क और स्वास्थ्य

    बैठक के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल की किल्लत, खराब सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और बिजली की अनियमितता जैसी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। सीएमडी ने इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि NMDC इन बुनियादी ढांचों में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

    • पेयजल: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए नए बोरवेल और पाइपलाइन विस्तार की योजना।

    • कनेक्टिविटी: दूरस्थ गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए पक्की सड़कों का निर्माण।

    • स्वास्थ्य एवं बिजली: मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और सौर ऊर्जा आधारित बिजली समाधानों पर जोर।

    'आत्मनिर्भर बस्तियां' और विकसित भारत का सपना

    ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने एक प्रेरक विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि NMDC खुद को केवल एक खनन (Mining) कंपनी तक सीमित नहीं मानता, बल्कि वह इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक बदलाव का एक जिम्मेदार भागीदार है।

    "हमारा लक्ष्य इन गांवों को ‘आत्मनिर्भर बस्तियों’ के रूप में विकसित करना है। जब हमारे गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी 'विकसित भारत' का सपना वास्तविक रूप में साकार होगा। स्थानीय समुदायों की प्रगति और खुशहाली ही NMDC की वास्तविक सफलता का पैमाना है।" — अमिताभ मुखर्जी, CMD, NMDC

    निरंतर संवाद और सीएसआर (CSR) गतिविधियों में तेजी

    बैठक में मौजूद निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने विश्वास दिलाया कि यह मुलाकात कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ संवाद की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। बचेली और किरंदुल कॉम्प्लेक्स के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्रामीण विकास की परियोजनाओं को फाइलों से निकालकर जल्द से जल्द धरातल पर उतारें।

    1968 से बैलाडीला की पहाड़ियों में कार्यरत NMDC और स्थानीय आदिवासियों के बीच पिछले 68 वर्षों का एक अटूट विश्वास रहा है। अब कंपनी अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधियों को और अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने जा रही है ताकि आदिवासियों की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।

    ग्रामीणों में उत्साह की लहर

    वरिष्ठ अधिकारियों को अपने बीच पाकर और अपनी समस्याओं को सीधे शीर्ष प्रबंधन तक पहुँचाने के अवसर से ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि बेहद उत्साहित दिखे। सरपंचों ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के सीधे संवाद से प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम होती है और विकास कार्यों में पारदर्शिता आती है।

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