भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की रहने वाली एक युवती ने राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद वह युवक लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर युवती की फर्जी तस्वीरें बनाईं और उसे बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर डाल दीं। पीड़िता ने इस पूरे मामले की शिकायत मध्यप्रदेश महिला आयोग में दर्ज कराई है, जहाँ उसने अपने बयान दर्ज करवाते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल आयोग इस मामले की बारीकी से जांच कर रहा है।
वैवाहिक वेबसाइट के जरिए हुई थी मुलाकात
पीड़िता ने बताया कि उसकी बहन ने शादी के सिलसिले में 'जीवनसाथी डॉट कॉम' पर उसकी प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान उदयपुर के रहने वाले आरोपी युवक से उनका संपर्क हुआ। दोनों परिवारों की सहमति से एक बार मुलाकात भी तय हुई, लेकिन बातचीत के दौरान युवक का बर्ताव अजीब और संदिग्ध लगा। इसके बाद युवती के परिवार ने इस रिश्ते को आगे न बढ़ाने का फैसला किया।
ब्लॉक करने के बाद भी करता रहा परेशान
रिश्ता टूटने की बात आरोपी बर्दाश्त नहीं कर पाया और वह लगातार फोन और मैसेज करके युवती को परेशान करने लगा। तंग आकर युवती ने जुलाई 2025 में उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बावजूद आरोपी बाज नहीं आया और नए-नए नंबरों से फोन करके युवती और उसके परिवार के दूसरे सदस्यों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।
परेशान करने के लिए घर पर भेजीं 500 टैक्सियाँ और बाइक
पीड़िता ने एक हैरान करने वाला आरोप लगाते हुए बताया कि जनवरी 2026 में आरोपी ने बदला लेने के लिए उसके घर के पते का गलत इस्तेमाल किया। उसने ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप्स के जरिए युवती के घर के पते पर लगातार बुकिंग्स कर दीं। नतीजा यह हुआ कि एक ही दिन में करीब 500 कैब और बाइक सवार उसके घर पहुंच गए, जिससे पूरे इलाके में हंगामा खड़ा हो गया। आरोपी ने ड्राइवरों को लालच देने के लिए उज्जैन तक की लंबी दूरी की राइड्स भी बुक की थीं, जिससे दूर-दराज से आए कैब चालकों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से रखता था नजर
युवती ने आरोप लगाया कि नंबर ब्लॉक होने के बाद आरोपी ने किसी दूसरे व्यक्ति के फोटो का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर एक फर्जी अकाउंट बनाया। इस नकली प्रोफाइल के जरिए वह लगातार यह पता लगाने की कोशिश करता था कि युवती के लिए कहीं और शादी की बात तो नहीं चल रही है। हालांकि, शिकायत दर्ज होने के बाद उस फर्जी अकाउंट को डिलीट कर दिया गया है।
गोद भराई के नकली कार्ड छपवाकर कॉलोनी में बंटवाए
उत्पीड़न यहीं नहीं रुका; आरोपी ने युवती के नाम से गोद भराई के फर्जी निमंत्रण पत्र (कार्ड) छपवा दिए। ज्यादा से ज्यादा भीड़ इकट्ठा करने और परिवार को बदनाम करने के लिए कार्ड में यह भी लिखवा दिया कि आने वाले मेहमानों को चांदी का सिक्का दिया जाएगा। इसके बाद इन नकली कार्ड्स को अखबार डालने वाले हॉकर के जरिए युवती की पूरी कॉलोनी में बंटवा दिया गया।
बदनामी के लिए AI तकनीक का किया गलत इस्तेमाल
पीड़िता ने बताया कि जब उसने मामले की शिकायत की, तो आरोपी ने बदला लेने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का सहारा लिया। उसने तकनीक की मदद से युवती की शादी और हनीमून की फर्जी और मॉर्फ्ड (बदली हुई) तस्वीरें तैयार कीं। इन आपत्तिजनक और झूठी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने और उसे मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की गई।
साइबर एक्सपर्ट्स ने बताया इसे गंभीर ऑनलाइन उत्पीड़न
इस मामले पर साइबर विशेषज्ञ शृंगारिता खरे का कहना है कि AI का इस्तेमाल करके किसी की मर्जी के बिना उसकी फर्जी तस्वीरें बनाना निजता (प्राइवेसी) का गंभीर उल्लंघन है। यह पीड़ित को गहरे मानसिक तनाव और सामाजिक नुकसान में डाल सकता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) के तहत ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है। किसी के नाम या पते का गलत इस्तेमाल करके बार-बार कैब बुक करना भी कानूनन ऑनलाइन उत्पीड़न (साइबर स्टॉकिंग) के दायरे में आता है। फिलहाल महिला आयोग और साइबर सेल इस पूरे नेटवर्क और तकनीक के दुरुपयोग की जांच में जुटे हैं।


