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    बाप रे बाप! इस राज्य में अब 9 नहीं 12 घंटे की शिफ्ट

    गांधी नगर।  गुजरात में औद्योगिक क्रांति की हवा चल रही है। दरअसल, गुजरात विधानसभा ने एक नया कानून पास किया, जिसका नाम है ‘द फैक्ट्रिज (गुजरात संशोधन) बिल 2025।यह बिल फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आया है। इसमें काम के घंटों से लेकर महिलाओं के लिए रात की शिफ्ट तक, कई नई बातें शामिल हैं।

    बढ़ गए काम के घंटे

    नए कानून के तहत अब फैक्ट्रियों में कर्मचारी एक दिन में 9 की जगह 12 घंटे तक काम कर सकते हैं, जिसमें आराम का समय भी शामिल है। लेकिन घबराइए मत, हफ्ते में कुल काम के घंटे 48 घंटे से ज्यादा नहीं होंगे। मजेदार बात ये है कि अगर आप चार दिन तक 12-12 घंटे काम कर लेते हैं, तो बाकी के तीन दिन आपको पेड लीव यानी सवेतन छुट्टी मिलेगी! यानी मेहनत का फल और आराम, दोनों एक साथ!

    ओवरटाइम का बोनस

    अगर आप 12 घंटे से ज्यादा काम करते हैं या छुट्टी के दिन काम पर आते हैं, तो आपको डबल सैलरी मिलेगी। इतना ही नहीं, पहले जहां तीन महीने में 75 घंटे ओवरटाइम मिलता था, अब यह बढ़कर 125 घंटे हो गया है। यानी मेहनती कर्मचारियों की जेब और भारी होने वाली है।

    महिलाओं के लिए नई आजादी

    इस बिल में सबसे खास बात है महिलाओं को रात में काम करने की इजाजत। अब महिलाएं शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक की शिफ्ट में काम कर सकती हैं। लेकिन चिंता न करें, सरकार ने उनकी सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया है।सीसीटीवी, महिला सिक्योरिटी गार्ड और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। और हां, यह पूरी तरह से उनकी मर्जी पर है। अगर कोई महिला रात में काम करना चाहें तो काम करने के लिए लिखित सहमति जरूरी होगी।

    गुजरात की राह पर कई राज्य

    यह कोई नई बात नहीं है कि गुजरात उद्योगों को बढ़ावा देने में सबसे आगे रहता है। आंध्र प्रदेश, गोवा और झारखंड जैसे राज्यों ने भी ऐसे ही नियम लागू किए हैं, और अब खबर है कि महाराष्ट्र भी जल्द ही इस राह पर चल सकता है।यह बिल पहले जारी एक अध्यादेश की जगह लेगा और गुजरात को औद्योगिक निवेश का हब बनाने में मदद करेगा।

    कर्मचारियों और उद्योगों, दोनों के लिए फायदा

    गुजरात के उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने बताया कि यह बिल न सिर्फ कर्मचारियों को ज्यादा कमाई का मौका देगा, बल्कि उद्योगों को भी तेजी से बढ़ने में मदद करेगा। ज्यादा काम के घंटे और लचीले नियमों से कंपनियां उत्पादन बढ़ा सकेंगी, जिससे गुजरात की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी।

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