पटना। जमीन की खरीद-बिक्री के लिए निबंधन की नई व्यवस्था के बाद ई-स्टांप खरीदने में भी ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है। नकद भुगतान की सुविधा बंद होने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खरीदारों और विक्रेताओं को परेशानी हो रही है। यूपीआई और नेट बैंकिंग की जानकारी नहीं होने के कारण लोगों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ता है। ऑनलाइन भुगतान के दौरान सर्वर की समस्या भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। कई बार भुगतान पूरा नहीं होने से जमीन निबंधन की प्रक्रिया में देरी हो रही है। लोगों को एक ही काम के लिए दो से तीन दिन तक इंतजार करने के साथ कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। दी नेशनल सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मिथिलेश कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देश पर ई-स्टांप के लिए ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य लेन-देन में पारदर्शिता लाना है। हालांकि, ग्रामीणों की परेशानी दूर करने के लिए डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया आसान बनाने, सर्वर की समस्या दूर करने और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।


