छत्तीसगढ़। के दुर्ग जिले में अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया है. जहां अफीम की खेती की जानकारी मिली है. बताया जा रहा है कि करीब 9 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी. खास बात यह है कि अफीम के पौधे मक्का के पेड़ों के बीच में उगाए गए थे, ताकि बाहर से देखने पर किसी को आसानी से इसका पता न चल सके. खेतों में उगाई गई अफीम को देखकर लोग भी हैरान रह गए. इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का नाम सामने आया, जिन्हें प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय ने तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया।
1 ग्राम अफीम की कीमत 5 हजार रुपये
जानकारी के मुताबिक, यहां उगाई जा रही अफीम की कीमत काफी अधिक बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि एक ग्राम अफीम की कीमत करीब 5 हजार रुपये तक मिलती है. इसी वजह से यह खेती अवैध रूप से बड़े पैमाने पर की जा रही थी. मक्का के बीच अफीम के पौधे लगाकर इसे छिपाने की कोशिश की गई थी, ताकि किसी को इसके बारे में शक न हो सके।
भाजपा नेता को पार्टी ने किया निष्कासित
इस मामले में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है. अफीम की खेती के आरोप में बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. आदेश जारी होने के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है. विनायक ताम्रकार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और ये आरोप बदला लेने की भावना से लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि गांव के सरपंच उनसे व्यक्तिगत दुश्मनी रखते हैं, इसलिए उन्हें बदनाम करने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
भूपेश बघेल पहुंचे घटनास्थल
बता दें कि बीते 6 मार्च को एक लिखित शिकायत के आधार पर दुर्ग में विनय ताम्रकार के समुदाय स्थित फार्म हाउस में जांच के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची थी. यहां 9 एकड़ की जमीन पर अवैध रूप से अफीम की खेती करते पाया गया. इस पूरे मामले के वीडियो और फोटो भी सामने आए हैं. मामले के सामने आने के बाद से ही कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ समुदाय स्थित घटनास्थल पर भी पहुंचे. भूपेश बघेल ने निरीक्षण के बाद सियासी हलचल और बढ़ गई है।


