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    पुलिस और बिजली कर्मचारी आमने-सामने, 6000 के चालान के बाद थाने की बिजली काटने का आरोप

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस चेकिंग के दौरान एक दिलचस्प और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां हेलमेट न पहनने पर पुलिस द्वारा एक संविदा बिजलीकर्मी का भारी-भरकम चालान काट दिया गया, जिससे नाराज होकर कर्मी ने गुस्से में आकर पुलिस थाने और संबंधित पुलिस चौकियों की ही बिजली आपूर्ति काट दी। इस अजीबो-गरीब घटना के सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने तुरंत अपनी तकनीकी टीम मौके पर भेजी और बिजली आपूर्ति को बहाल कराया। आइए जानते हैं क्या है पूरा माजरा?

    क्या है पूरा मामला?

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी लखनऊ के नगराम इलाके में पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन की पेट्रोलिंग के लिए जा रहे एक संविदा कर्मी अमरेंद्र को पुलिस ने रोक लिया। अमरेंद्र ने सिर पर हेलमेट नहीं पहना था, जिसके चलते पुलिस ने नियमों का हवाला देते हुए उनका 6,000 रुपये का चालान काट दिया।

    पुलिस की इस चालानी कार्रवाई से संविदा कर्मी और बिजली विभाग के अन्य कर्मियों में भारी नाराजगी फैल गई। इसके कुछ ही समय बाद, समेसी विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत उसी संविदा कर्मी अमरेंद्र ने कथित तौर पर अपनी खुन्नस निकालते हुए नगराम थाना, हरदोईया पुलिस चौकी और देवीखेड़ा पुलिस बूथ की बिजली आपूर्ति ठप कर दी।

    बकाया बिल का बहाना या चालान का बदला?

    जब इस घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंची, तो बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन दोनों में सनसनी फैल गई।

    • एक तरफ जहाँ इसे चालान कटने से उपजे गुस्से और बदले की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग का आधिकारिक तौर पर यह कहना है कि संबंधित परिसरों में लंबे समय से बिजली का बिल बकाया चल रहा था, जिसके चलते नियमानुसार आपूर्ति बंद की गई थी।

    • हालांकि, इस बात को लेकर जनता और अधिकारियों के बीच चर्चा का बाजार गर्म है कि आखिर यह कार्रवाई वास्तव में भारी-भरकम बिजली बिल बकाया होने की वजह से की गई थी या फिर पुलिस की चालानी कार्रवाई का बदला लेने के लिए उठाया गया एक व्यक्तिगत कदम था।

    फिलहाल, इस अनूठे मामले ने सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी विभागों के आपसी तालमेल में इस तरह की पर्सनल खुन्नस भी निकाली जाने लगी है।

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