ठाणे। अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर ठाणे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और त्वरित तत्परता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था के बीच ड्यूटी पर तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अचानक चक्कर आने के बाद जमीन पर अचेत होकर गिर पड़े। यह देखते ही उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बिना एक पल गंवाए स्वयं आगे बढ़कर उनकी मदद की और अपने आधिकारिक काफिले की व्यवस्था को पीछे रखते हुए उक्त पुलिस अधिकारी को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया। समय पर और बेहतर उपचार मिलने के कारण अब अधिकारी की हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है।
साकेत हेलिपैड पर अचानक बिगड़ी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनंत चतुर्दशी के दिन ठाणे शहर में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव रहता है। यातायात पुलिस निरीक्षक संजय नलावडे भी सुबह से ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के काफिले के साथ सुरक्षा ड्यूटी पर मुस्तैद थे। सुबह के वक्त ठाणे के टेंभी नाका स्थित आई दुर्गेश्वरी मंडप में पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद उपमुख्यमंत्री हेलिकॉप्टर द्वारा पुणे के लिए रवाना हुए थे।
पुणे का अपना निर्धारित दौरा पूरा करने के बाद उपमुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर कुछ ही घंटों के भीतर वापस ठाणे के साकेत हेलिपैड पर उतरा। बताया जा रहा है कि जैसे ही हेलिपैड पर विमान उतरा और उपमुख्यमंत्री बाहर आए, तभी सुरक्षा में तैनात यातायात पुलिस निरीक्षक संजय नलावडे को तेज चक्कर आया और वे अचानक जमीन पर गिर पड़े।
दौड़कर पहुंचे उपमुख्यमंत्री, खुद एम्बुलेंस को किया रवाना
इस आपात स्थिति को देखते ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बिना कोई औपचारिकता निभाए तुरंत हेलिकॉप्टर से उतरकर सीधे अचेत पड़े अधिकारी संजय नलावडे की ओर कदम बढ़ाए। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों की सहायता से नलावडे को फौरन एक एम्बुलेंस तक पहुँचाया गया।
उपमुख्यमंत्री ने केवल इतना ही नहीं किया, बल्कि उन्होंने एम्बुलेंस को तुरंत ठाणे के प्रतिष्ठित ज्युपिटर अस्पताल के लिए रवाना करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अपने वीआईपी काफिले की पायलट गाड़ी को पीछे कर दिया और एम्बुलेंस को आगे करते हुए अपने पूरे काफिले के साथ खुद भी अस्पताल तक पहुंचे। अस्पताल पहुँचते ही उन्होंने डॉक्टरों को निर्देशित किया कि अधिकारी का तत्काल इलाज शुरू किया जाए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को यह भी स्पष्ट शब्दों में कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही या कमी नहीं आनी चाहिए तथा उपचार के खर्च को लेकर किसी तरह की चिंता न की जाए।
डॉक्टरों की निगरानी में है स्वास्थ्य, उपमुख्यमंत्री ने ली लगातार सुध
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त प्रशांत कदम और यातायात शाखा के डीसीपी पंकज शिरसाट सहित कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी तुरंत ज्युपिटर अस्पताल पहुँच गए। ज्युपिटर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुँचने के कारण पुलिस निरीक्षक संजय नलावडे की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है और उनका इलाज विशेषज्ञों की देखरेख में जारी है।
अस्पताल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उपमुख्यमंत्री शिंदे इसके बाद भी फोन के माध्यम से लगातार डॉक्टरों के संपर्क में रहे और अधिकारी के स्वास्थ्य की अपडेट लेते रहे। उल्लेखनीय है कि ठीक पिछले सप्ताह ही उपमुख्यमंत्री के काफिले में अपनी सेवाएं दे रहे पुलिस निरीक्षक विजय सांगाडे का अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से निधन हो गया था। इस पुरानी घटना के कारण पुलिस महकमे में पहले से ही चिंता का माहौल था, ऐसे में नलावडे की अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर ने अधिकारियों की धड़कनें बढ़ा दी थीं। हालांकि, उपमुख्यमंत्री की त्वरित सूझबूझ और समय पर मिले चिकित्सीय सहयोग से एक बड़ा हादसा टल गया। इस पूरी घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भावुक होकर कहा, “यह तो बाप्पा की कृपा और अनंत चतुर्दशी के पावन दिन बप्पा के आशीर्वाद से ही नलावडे जी के प्राण बचे हैं, मैं तो केवल एक निमित्तमात्र था।”


