More
    Homeबिजनेसगांवों में रोजगार बढ़ाने की तैयारी तेज, केंद्र सरकार लाई नया ड्राफ्ट...

    गांवों में रोजगार बढ़ाने की तैयारी तेज, केंद्र सरकार लाई नया ड्राफ्ट नियम।

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' (VB-G-RAM-G) के मसौदा नियमों को आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दिया है। सरकार ने इन नियमों को आम जनता और संबंधित पक्षों के सुझावों व परामर्श के लिए सार्वजनिक किया है। इस नए कानून को आगामी 1 जुलाई से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, इन नियमों का मुख्य उद्देश्य इस महत्वाकांक्षी कानून को जमीन पर प्रभावी ढंग से उतारने के लिए एक मजबूत और पारदर्शी ढांचा तैयार करना है।


    1. मनरेगा की जगह लेगा नया कानून, काम और अधिकार रहेंगे सुरक्षित

    यह नया अधिनियम मौजूदा ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम 'मनरेगा' (MGNREGA) का स्थान लेगा। सरकार द्वारा जारी मसौदा नियमों में मनरेगा से 'वीबी-ग्राम जी' में बदलाव की पूरी रूपरेखा तय की गई है। इस संक्रमण काल (Transition Period) के दौरान यह विशेष ध्यान रखा गया है कि गांवों में चल रहे मौजूदा काम प्रभावित न हों। इसके तहत पुरानी देनदारियों का निपटान, रिकॉर्ड का ट्रांसफर और ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापित जॉब कार्ड की वैधता को बरकरार रखा गया है, ताकि नई योजना के पूरी तरह लागू होने तक श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहें।

    2. शिकायत निवारण और बेरोजगारी भत्ते के लिए बनेगा मजबूत ढांचा

    यह मसौदा नियम अधिनियम की धारा 33 और अन्य प्रमुख प्रावधानों के तहत तैयार किए गए हैं। नियमों के दायरे में प्रशासनिक खर्चों का प्रबंधन, श्रमिकों की शिकायतों के निवारण के लिए एक मजबूत तंत्र की स्थापना, और समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा, यदि समय पर काम नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ते के भुगतान के नियम और सामान्य आवंटन से अधिक होने वाले खर्चों के मैनेजमेंट को भी इसमें बेहद स्पष्ट किया गया है।

    3. राष्ट्रीय संचालन समिति और केंद्रीय परिषद संभालेंगी कमान

    देशभर में इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक विस्तृत प्रशासनिक और वित्तीय ढांचा तैयार किया जा रहा है। इन नियमों के तहत एक राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति और 'केंद्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद' का गठन किया जाएगा, जो इसके कार्यों और जिम्मेदारियों की निगरानी करेगी। इसमें बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक व वित्तीय खर्चों के प्रबंधन के लिए भी विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं।

    4. सहभागी शासन पर जोर: जनता और विशेषज्ञों से मांगे सुझाव

    ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले एक व्यापक परामर्श प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य सहभागी शासन को बढ़ावा देना है। इसके लिए सभी राज्य सरकारों, विषय विशेषज्ञों, संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों (NGOs) और आम जनता से रचनात्मक प्रतिक्रिया और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, ताकि इस कानून को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाया जा सके।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here