जयपुर। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभागीय प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कृषि विभाग में शिकायतों का निस्तारण औसतन 17 से 20 दिन में हो रहा है, जो राज्य के औसत 15 दिनों से अधिक है। इस स्थिति को देखते हुए मंजू राजपाल ने निस्तारण समय को कम करने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक 15 दिन में प्रकरणों की समीक्षा करने और समाधान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देने पर जोर दिया।
राजपाल ने जिला स्तर पर दर्ज शिकायतों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी स्वयं परिवादियों से संवाद स्थापित करें। जिन जिलों में निस्तारण प्रतिशत, समाधान पर संतुष्टि का स्तर और औसत निस्तारण समय राज्य स्तर से कमजोर है, वहां तत्काल सुधार किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और गति दोनों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने और शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में कृषि विभाग से जुड़े कुल 28 हजार 297 प्रकरण संपर्क पोर्टल पर दर्ज हुए, जिनमें से 27 हजार 295 का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 96.45 प्रतिशत है। वहीं उद्यान विभाग से संबंधित कुल 6 हजार 493 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 6 हजार 63 का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 93 प्रतिशत है। निरीक्षण के दौरान मंजू राजपाल ने कंट्रोल रूम में उपस्थित रहकर स्वयं परिवादियों से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


