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    राबड़ी देवी की दोटूक चेतावनी: सरकारी आवास खाली करने के नोटिस पर बोलीं- ‘जो करना है कर लो, बंगला नहीं छोड़ेंगे’

    पटना | बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को आवंटित सरकारी बंगले को लेकर राज्य में एक नया सियासी घमासान छिड़ गया है। बिहार की मौजूदा नीतीश-सम्राट सरकार ने उन्हें पटना के वीवीआईपी इलाके सर्कुलर रोड पर स्थित बंगला संख्या-10 खाली करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। सरकार के इस कदम के बाद सूबे की राजनीति में गर्माहट आ गई है। शनिवार की दोपहर पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान राबड़ी देवी ने इस प्रशासनिक आदेश पर बेहद तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार को यह जगह खाली करानी ही है, तो वह प्रशासन और पुलिस बल का प्रयोग कर ले, लेकिन वे खुद से इस आवास को खाली नहीं करेंगी। गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने पूरे परिवार के साथ लंबे समय से इसी 10-सर्कुलर रोड स्थित बंगले में निवास कर रहे हैं।


    भवन निर्माण विभाग की दलील: नया बंगला आवंटित होने के बाद भी पुराना खाली नहीं किया

    इस पूरे विवाद पर रुख स्पष्ट करते हुए राज्य के भवन निर्माण विभाग ने आधिकारिक जानकारी साझा की है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को एक सरकारी आदेश जारी किया गया था, जिसके तहत विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के प्रोटोकॉल के मुताबिक राबड़ी देवी के लिए हार्डिंग रोड पर स्थित बंगला संख्या-39 आवंटित किया गया था। प्रशासनिक महकमे का तर्क है कि नियमानुसार नया सरकारी आवास उपलब्ध कराए जाने के बाद पुराना बंगला वापस सौंप देना चाहिए था, परंतु नया ठिकाना मिलने के बावजूद राबड़ी देवी ने अब तक सर्कुलर रोड स्थित अपने पुराने बंगले का कब्जा नहीं छोड़ा है, जिसके चलते यह नोटिस जारी करना पड़ा।

    विपक्ष का पलटवार: राजनीतिक द्वेष के तहत कार्रवाई करने का आरोप

    दूसरी ओर, इस प्रशासनिक नोटिस को लेकर मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं और समर्थकों में भारी आक्रोश है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि लालू परिवार को जानबूझकर परेशान करने और राजनीतिक द्वेष के चलते इस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है। राबड़ी देवी के कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि वे इस मामले में आसानी से झुकने वाली नहीं हैं। उनके 'फोर्स बुलाकर खाली कराने' वाले बयान ने इस प्रशासनिक मुद्दे को सीधे तौर पर एक बड़े राजनीतिक टकराव में तब्दील कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सड़क से लेकर सदन तक हंगामा होने के आसार बढ़ गए हैं।

    लालू परिवार का सियासी केंद्र रहा है 10-सर्कुलर रोड, सुरक्षा को लेकर भी चर्चा

    पटना का 10-सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि पिछले कई सालों से बिहार की राजनीति का एक बड़ा केंद्र बिंदु रहा है। आरजेडी के तमाम बड़े नीतिगत फैसले, बैठकें और गठबंधन की रणनीतियां इसी परिसर के भीतर तैयार होती रही हैं। चूंकि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दोनों ही राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए इस परिसर की सुरक्षा और संवेदनशीलता भी काफी अधिक है। अब देखना दिलचस्प होगा कि राबड़ी देवी की इस खुली चुनौती के बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाला प्रशासनिक अमला क्या रुख अख्तियार करता है और इस गतिरोध का अंत किस प्रकार होता है।

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