ओस्लो/नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने नॉर्वे के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए पीएम मोदी पर एक नॉर्वेजियन महिला पत्रकार के सवालों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि जब पूरी दुनिया एक प्रधानमंत्री को कुछ बुनियादी सवालों से घबराकर पीछे हटते हुए देखती है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि प्रभावित होती है। कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है, तो किसी भी सवाल से डरने की कोई बात नहीं होनी चाहिए।
जॉइंट प्रेस मीट में सवाल न लेने पर बढ़ा विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ओस्लो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे के बीच एक संयुक्त प्रेस वार्ता (जॉइंट प्रेस मीट) आयोजित की गई। द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों नेता बिना मीडिया के सवालों का जवाब दिए वहां से जाने लगे। इसी दौरान वहां मौजूद नॉर्वेजियन जर्नलिस्ट हेली लिंग ने जोर से आवाज लगाते हुए पीएम मोदी से पूछा कि वे दुनिया की सबसे आजाद प्रेस के सवालों के जवाब क्यों नहीं देते। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हेली लिंग ने वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स का हवाला देते हुए भारत की रैंकिंग पर भी टिप्पणी की।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पत्रकार को दिया आमंत्रण
महिला पत्रकार की सोशल मीडिया पोस्ट पर संज्ञान लेते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने सक्रियता दिखाई। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर हेली लिंग की पोस्ट का जवाब देते हुए उन्हें ओस्लो में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित की जाने वाली विशेष प्रेस ब्रीफिंग में आने का न्यौता दिया। मंत्रालय ने कहा कि वे इस ब्रीफिंग में शामिल होकर प्रधानमंत्री के दौरे और भारत से जुड़े अपने तमाम सवाल सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रख सकती हैं।
प्रेस ब्रीफिंग में तीखी बहस और भारतीय अधिकारी की नाराजगी
मंत्रालय के बुलावे पर हेली लिंग प्रेस ब्रीफिंग में शामिल हुईं, जहां उनके तीखे सवालों के चलते माहौल काफी गरमा गया। पत्रकार ने मानवाधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे। इस पर विदेश मंत्रालय में पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। जब पत्रकार ने जवाब के बीच में हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो सिबी जॉर्ज ने नाराजगी जताते हुए उन्हें रोकने के लिए कहा। भारतीय अधिकारी ने जवाब देते हुए कहा कि कोरोना काल में भारत द्वारा दुनिया भर में पहुंचाई गई वैक्सीन और जी-20 जैसे वैश्विक मंचों पर भारत की जिम्मेदार भूमिका ही दुनिया के भरोसे की सबसे बड़ी वजह है।
कोविड, योग और जासूस होने के आरोपों पर सफाई
प्रेस ब्रीफिंग के बाद हेली लिंग ने दोबारा सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि मानवाधिकारों और प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर पूछे गए सीधे सवालों का भारतीय अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, बल्कि वे कोविड सहायता, योग और भारत की अन्य उपलब्धियों की बातें करते रहे। बाद में सोशल मीडिया पर खुद को निशाना बनाए जाने के बाद उन्होंने एक और पोस्ट साझा कर सफाई दी कि वे किसी विदेशी सरकार की जासूस नहीं हैं, बल्कि केवल एक स्वतंत्र पत्रकार हैं जो अपना काम कर रही हैं। इसी बीच, इंटरनेट यूजर्स द्वारा राहुल गांधी का इंटरव्यू करने की सलाह पर भी उन्होंने अपनी सहमति जताई है।


