नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बीते 25 दिनों से जारी संघर्ष के चलते अब भारत की राजनीति में सियासी गर्माहट बढ़ गई है। जहां एक तरफ सोमवार को लोकसभा के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में भी पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत सरकार का रुख साफ किया। वहीं दूसरी ओर संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर उनकी विदेश नीति को लेकर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि हमारी विदेश नीति पीएम नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत विदेश नीति है। आज इसके परिणाम देख सकते हैं। यह यूनिवर्सल जोक है। डोनाल्ड ट्रंप यह अच्छी तरह जानते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी क्या कर सकते हैं और क्या नहीं कर सकते। इसलिए अगर पीएम की स्थिति कमजोर होती है, तो हमारी विदेश नीति भी कमजोर हो जाती है। यह सब को दिखाई दे रहा है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत की विदेश नीति अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी विदेश नीति बन गई है। इस बात का असर हम देख पा रहे हैं कि ये एक मजाक बनकर रह गया है। पूरी दुनिया इसे मजाक मानती है। राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण में होने का आरोप लगाया।
पीएम मोदी पूरी तरह से ट्रंप के नियंत्रण में
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी पूरी तरह से ट्रंप के नियंत्रण में हैं। ट्रंप को पूरा पता है कि पीएम मोदी क्या करने वाले हैं और क्या नहीं। राहुल गांधी ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री की स्थिति कमजोर हुई, तो देश की विदेश नीति भी कमजोर हो जाएगी। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर लिया, कल संसद में बेतुका भाषण दे दिया। इससे भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कोई ठोस रुख नहीं दिखाई दिया।
आम जनता को करना पड़ेगा मुश्किलों का सामना
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के इन कारणों के चलते आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, जैसे कि एलपीजी और पेट्रोल की बढ़ती कीमतें। राहुल गांधी ने याद दिलाया कि पीएम मोदी ने हालात को कोविड जैसी स्थिति से जोडक़र बताया, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कोविड के दौरान कितनी जानें गईं और कितनी त्रासदियां हुईं।


