भोपाल: मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री और भाजपा नेता राकेश सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह प्लेटफॉर्म पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के इस अभियान को 'वर्क फ्रॉम होम' सत्याग्रह करार देते हुए इसकी नीयत और डाटा सुरक्षा पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
क्या है डिजिटल सत्याग्रह पोर्टल?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में 'सत्याग्रह' नाम से एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य देशभर में अपने अधिकारों और विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे आम लोगों की कहानियों को एक साझा डिजिटल नक्शे पर लाना है। इसी पहल पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता राकेश सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
राकेश सिंह का राहुल गांधी पर तीखा हमला
राकेश सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि राहुल गांधी को सत्याग्रह का असल मतलब पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का सत्याग्रह सत्य और स्वयं कष्ट सहने के लिए किया गया एक ऐतिहासिक आंदोलन था, लेकिन राहुल गांधी का यह डिजिटल सत्याग्रह सिर्फ 'वर्क फ्रॉम होम' जैसा है। सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि सत्याग्रह 'क्लिक' करने से नहीं बल्कि 'त्याग' से चलता है और 'सबमिट' बटन दबाने से कोई आंदोलन नहीं होता, इसके लिए जमीन पर उतरना पड़ता है।
डाटा की गोपनीयता और गंभीरता पर सवाल
भाजपा नेता ने कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी जनता के बीच जाकर सीधे संघर्ष करने से बच रही है और लोगों से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराने को कह रही है। उन्होंने आगे पूछा कि राहुल बाबा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस पोर्टल पर जनता द्वारा साझा किए जाने वाले व्यक्तिगत डाटा की गोपनीयता की क्या गारंटी है। राकेश सिंह ने अंत में आरोप लगाया कि यह डिजिटल सत्याग्रह महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है, जिसका मकसद देश की सेवा नहीं बल्कि सिर्फ सत्ता हासिल करना है।


