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    महापौर और नपा अध्यक्ष का चुनाव लड़ना महंगा, जमानत राशि बढ़कर ₹32 हजार

    भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी समय में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों से पहले राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए चुनाव संबंधी नियमों में अहम बदलाव कर दिए हैं। राज्य के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 'मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994' में संशोधन की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। नए संशोधन के तहत चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि को 60 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है, साथ ही चुनावी लेन-देन में पारदर्शिता लाने के लिए प्रक्रियात्मक कड़ाई भी की गई है।

    महापौर और अध्यक्ष पद की जमानत राशि बढ़ी

    नए नियमों के लागू होने के बाद अब स्थानीय निकायों में चुनाव लड़ना पहले से अधिक महंगा हो गया है। वर्ष 2022 के पिछले निकाय चुनावों की तुलना में इस बार महापौर पद के प्रत्याशियों की जमानत राशि ₹20 हजार से बढ़ाकर ₹32 हजार तय कर दी गई है। इसी प्रकार नगरपालिका अध्यक्ष के लिए जमानत राशि ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹24 हजार और नगर परिषद अध्यक्ष के लिए ₹10 हजार से बढ़ाकर ₹16 हजार कर दी गई है। इसके साथ ही पार्षद पद के उम्मीदवारों के लिए भी निकाय के प्रकार के आधार पर संशोधित जमानत राशि लागू की जाएगी।

    चुनावी खर्च के लिए अलग बैंक खाता अनिवार्य

    चुनावी दौर में होने वाले वित्तीय लेन-देन पर सख्त निगरानी रखने के उद्देश्य से सरकार ने नए दिशा-निर्देश तय किए हैं। अब महापौर, नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्ष तथा पार्षद पद के हर प्रत्याशी को किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में एक अलग और स्वतंत्र बैंक खाता खोलना होगा। नामांकन पत्र दाखिल करते समय उम्मीदवार को इस खाते का पूरा विवरण रिटर्निंग ऑफिसर को सौंपना होगा। चुनाव अभियान के दौरान मिलने वाले समस्त चंदे, प्राप्तियों और होने वाले सभी खर्चों का लेन-देन इसी खाते के जरिए करना अनिवार्य रहेगा।

    नामांकन से मतगणना तक देना होगा पूरा हिसाब

    चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवारों को अब अपने संपूर्ण चुनावी व्यय का विधिवत ब्योरा राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। इसमें नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख से लेकर मतगणना के दिन तक किए गए सभी खर्च शामिल रहेंगे। आयोग द्वारा तय समय-सीमा के भीतर चुनावी खर्च का ब्योरा और उससे संबंधित दस्तावेज पेश न करने की स्थिति में संबंधित उम्मीदवार को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

    नामांकन प्रक्रिया और समय-सीमा की नई व्यवस्था

    नामांकन प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए संशोधित नियमों में समय-सीमा भी स्पष्ट की गई है। चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद प्रत्याशियों को नामांकन जमा करने के लिए न्यूनतम सात दिनों का समय दिया जाएगा। यदि सातवां दिन सार्वजनिक अवकाश होता है तो उसके ठीक अगले कार्यदिवस को नामांकन की अंतिम तिथि माना जाएगा। इसके अलावा, एक ही पद के लिए किसी एक प्रत्याशी द्वारा एक से अधिक नामांकन-पत्र प्रस्तुत करने पर अतिरिक्त नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

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