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    संतों के जमघट से भक्तिमय हुई संस्कारधानी, 108 सुरों में हुआ हरिनाम संकीर्तन

    जबलपुर। भेड़ाघाट स्थित हरे कृष्णा आश्रम के संस्थापक स्वामी रामचंद्र दास जी महाराज का 87वां वर्धापन दिवस दद्दा परिसर में विशाल संत समागम के रूप में श्रद्धापूर्वक आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर सनातन धर्म महासभा, अग्रवाल सभा, अग्रवाल सेवा समिति, चैतन्य महाप्रभु संकीर्तन मंडल, विद्या भारती और रामलीला समिति सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों मंडलों ने पूज्य संतों का भावभीना वंदन किया। मुख्य मंच पर पधारे सभी संतों का पाद्य-पूजन डॉ. सुधीर अग्रवाल द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराया गया।

    100 से अधिक पूज्य संतों की रही गरिमामयी मौजूदगी

    समारोह में देश एवं प्रदेश भर से पधारे 100 से अधिक पूज्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति दर्ज हुई:

    • प्रमुख संत वृंद: जगद्गुरु स्वामी नरसिंह देवाचार्य, महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद गिरी, पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी, जगद्गुरु राजारामचार्य, स्वामी पागलानंद, चंद्रशेखरानंद, परमात्मानंद, वासुदेव शास्त्री, पं. रोहित, पं. देवेंद्र त्रिपाठी, सचिन देव, मुन्ना महाराज, प्रकाशानंद, मैत्री दीदी, रामजी शरण और स्वामी रामेश्वरानंद सहित अनेक संत उपस्थित रहे।

    • संगीतमय प्रस्तुतियां: समारोह में पहुंचे भक्त समूहों और भजन मंडलियों ने प्रभु नाम की 108 प्रकार की विशेष धुनों की संगीतमय प्रस्तुति दी, जिससे समूचा आश्रम परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया।

    "संतों के दिखाए मार्ग पर चलकर सुदृढ़ होती है राजसत्ता"

    धर्म सभा को संबोधित करते वक्ताओं ने सनातन संस्कृति और संत परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला:

    • संस्कृति संरक्षण: वक्ताओं ने कहा कि लोक कल्याणकारी राजसत्ता सदैव संतों के दिखाए मार्ग पर चलकर ही सुदृढ़ बनती है। वहीं आज की युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचानते हुए तेजी से हिंदू संस्कृति के संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    • कुशल संचालन व आभार: भव्य आयोजन का सुचारु संचालन रवि बाजपेई ने किया, जबकि आगंतुक संतों व अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन शरद अग्रवाल ने किया।

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