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    केतन अग्रवाल हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे, स्लो पॉइजन से कॉन्ट्रैक्ट किलर तक की साजिश

    पुणे। देश के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच एजेंसियों के हाथ बेहद हैरान कर देने वाले तथ्य लगे हैं, जो आरोपी सिया और चेतन के खिलाफ अदालत में सबसे पुख्ता सबूत बन सकते हैं। इस सनसनीखेज मामले में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं कि किस तरह दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने के लिए महीनों पहले से खतरनाक जाल बुनना शुरू कर दिया था। पुलिस की सघन तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए स्लो पॉइजन से लेकर कॉन्ट्रैक्ट किलर तक का सहारा लेने की कोशिश की थी, लेकिन अंत में एक सोची-समझी साजिश के तहत इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया गया।

    गुपचुप शादी और हत्या की पहली नाकाम साजिश

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस पूरे हत्याकांड की मुख्य वजह सिया और चेतन की गुपचुप शादी को माना जा रहा है। जांच में सामने आया है कि दोनों ने साल 2025 में राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में चुपके से विवाह कर लिया था, जिसके पुख्ता सबूत जुटाने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस की एक विशेष टीम वहां पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस के हाथ दोनों की शादी की कुछ तस्वीरें भी लगी हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। तफ्तीश में यह भी खुलासा हुआ है कि शादी के बाद से ही दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए पहले स्लो पॉइजन (धीमा जहर) देकर उसे मारने या हमेशा के लिए अपाहिज बनाने की कोशिश की थी, लेकिन सही समय पर जहर का इंतजाम न हो पाने के कारण उनका यह पहला प्लान फेल हो गया था।

    कॉन्ट्रैक्ट किलर से मुलाकात और सरकारी गवाह का शिकंजा

    जहर देने की योजना विफल होने के बाद सिया और चेतन ने केतन की हत्या के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट किलर से संपर्क साधा था। दोनों की एक अपराधी से बातचीत भी तय हो गई थी और उसने इस काम के लिए हामी भर दी थी, लेकिन ऐन वक्त पर वह शख्स कानूनी कार्रवाई के डर से पीछे हट गया। पुलिस ने अब उसी शख्स को इस मामले में अपना सबसे बड़ा सरकारी गवाह बना लिया है, जिसके बयान आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने में अहम साबित होंगे। इसके साथ ही पुलिस ने उस होटल के सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं, जहां सिया और चेतन ने इस कथित शूटर के साथ बैठकर मर्डर की डील फाइनल करने के लिए मीटिंग की थी।

    लोहागढ़ किले का सुसाइड कनेक्शन और रेकी का सच

    केतन अग्रवाल की मौत की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक ऐसा सुराग लगा है जिसने लोहागढ़ फोर्ट में हुए एक पुराने मामले की परतें भी खोल दी हैं। दरअसल, मार्च 2025 में उसी जगह पर एक 21 वर्षीय लॉ की छात्रा की संदेहास्पद मौत हुई थी, जिसे आत्महत्या माना गया था। सिया ने इस खबर को अखबार में पढ़ा था और यहीं से उसके दिमाग में केतन को ठिकाने लगाने का आइडिया आया। वह जानती थी कि केतन को ट्रैकिंग का शौक है, इसलिए उसे वहां बुलाना आसान होगा और वहां कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण पकड़े जाने का खतरा भी बेहद कम रहेगा। मर्डर प्लान को पुख्ता करने के लिए चेतन और सिया ने 31 मई को वहां जाकर बाकायदा रेकी की थी, सेल्फी ली थी और वीडियो भी बनाए थे, जिसके बाद इस मर्डर को अंजाम दिया गया। अब पुलिस उस छात्रा की मौत की फाइल भी दोबारा खोल रही है।

    पुलिस से बचने के लिए जापानी वीडियो से ली ट्रेनिंग

    इस हत्याकांड का सबसे शातिराना पहलू यह सामने आया है कि आरोपियों ने अपराध करने के बाद कानून के शिकंजे से बचने की पूरी तैयारी कर रखी थी। सिया और चेतन ने इंटरनेट पर घंटों लंबे कुछ जापानी वीडियो देखे थे, जिनमें यह सिखाया गया था कि यदि कभी पुलिस गिरफ्तार कर ले या कड़ाई से पूछताछ करे, तो बिना डरे बेहद शांत रहकर किस तरह जवाब देने चाहिए ताकि कोई शक न हो। पुलिस ने दोनों आरोपियों की इंटरनेट सर्च और वेब हिस्ट्री खंगालकर उन दोनों जापानी वीडियो के लिंक बरामद कर लिए हैं, जो कोर्ट में यह साबित करने के लिए सबसे बड़ा डिजिटल सबूत बनेंगे कि यह पूरी घटना अचानक नहीं, बल्कि बेहद ठंडे दिमाग से प्लान की गई हत्या थी।

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