जयपुर | राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक से पहले ही प्री-मानसून की हलचल काफी तेज हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में धूलभरी आंधी, गरज-चमक के साथ वर्षा और तेज हवाओं का सिलसिला अभी बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी 7 जून तक पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के ज्यादातर इलाकों में मौसम खराब रहने की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की है। बीते गुरुवार की शाम से जयपुर, अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू सहित कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला, जिससे तापमान में कमी आई और झुलसती गर्मी से परेशान लोगों को थोड़ी राहत मिली।
कई जिलों के लिए अलर्ट और आंधी-तूफान का अनुमान
मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 14 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और 8 जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने, आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने और कुछ पॉकेट्स में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। राजधानी जयपुर में भी रात भर रुक-रुककर वर्षा का दौर चलता रहा, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया है।
भरतपुर में अंधड़ का कहर, एक की मौत
इस बदलते मौसम के बीच भरतपुर जिले से एक दुखद खबर भी सामने आई है, जहां झोरोल गांव में आए भीषण अंधड़ के कारण एक निर्माणाधीन दीवार अचानक ढह गई। इस हादसे की चपेट में आने से 55 वर्षीय महिला इंद्रा देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पास बैठा उनका दिव्यांग बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों दीवार के पास ही बैठे हुए थे।
बढ़ती उमस और पश्चिमी राजस्थान का हाल
प्री-मानसून के असर से पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में हवा के भीतर नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है। जयपुर, उदयपुर, कोटा और चित्तौड़गढ़ संभागों में आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 50 से 70 फीसदी तक रिकॉर्ड किया जा रहा है, जिससे दिन के समय लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है। इसके विपरीत, पश्चिमी राजस्थान में अभी भी कड़े तेवर देखने को मिल रहे हैं, जहां गुरुवार को 44.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ श्रीगंगानगर सबसे गर्म इलाका रहा, जबकि बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर और बाड़मेर में पारा 42 डिग्री के आसपास बना रहा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी तीन-चार दिनों तक यह दौर यूं ही जारी रहेगा।


