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    Homeराज्यमध्यप्रदेशश्री गुरु रविदास समरसता अभियान बना सामाजिक एकता की नई पहल

    श्री गुरु रविदास समरसता अभियान बना सामाजिक एकता की नई पहल

    भोपाल। संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार राज्यव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा' का भव्य आयोजन करने जा रही है। 18 अगस्त से शुरू होने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संत रविदास के जीवन-दर्शन, सामाजिक न्याय, समता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी संबंधित विभागों, कलेक्टर्स और कमिश्नर्स को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

    18 अगस्त को रवीन्द्र भवन से रवाना होंगे पावन कलश

    अभियान का शुभारंभ 18 अगस्त 2026 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से होगा। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए पावन कलश रवाना किए जाएंगे। जिला प्रशासन को इन कलशों को ससम्मान जिला मुख्यालयों तक पहुँचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

    जिलों में कलश रथ यात्रा और स्थानीय कार्यक्रम

    • कलश वंदन (20 अगस्त): समस्त जिला मुख्यालयों पर 20 अगस्त को कलश पूजन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।

    • रथ यात्रा (20 अगस्त से 10 सितंबर): प्रत्येक जिले में निर्धारित मार्गों पर कलश रथ यात्रा निकाली जाएगी, जो स्थानीय रविदास मंदिरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचेगी।

    • सांस्कृतिक आयोजन: यात्रा के दौरान सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन संध्या और समरसता संकल्प जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    अक्टूबर से शुरू होगी 'श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा'

    डेरा सचखण्ड, बल्लन (जालंधर) से प्रारंभ होने वाली मुख्य समरसता यात्रा 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के मध्य मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर गुजरेगी। यात्रा के प्रमुख पड़ावों पर भव्य स्वागत, समरसता गोष्ठियों और सामाजिक समरसता पर केंद्रित संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

    संत संपर्क और प्रशासनिक समन्वय

    18 से 31 अगस्त के बीच प्रदेश भर में 'संत संपर्क कार्यक्रम' चलाया जाएगा, जिसमें पूज्य संतों को अभियान से जोड़कर आमंत्रित किया जाएगा। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को इस पूरे अभियान का मुख्य नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि जिलों में व्यवस्था की कमान कलेक्टर्स के हाथ में होगी। सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संबंधित विभागों को पूर्व में ही व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं।

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