अलवर: राजस्थान के अलवर शहर में स्टेट जीएसटी विभाग की एक बड़ी और सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। प्रसिद्ध कलाकंद कारोबारी 'बाबा ठाकुरदास एंड संस' के सभी दुकानों और शोरूमों पर जीएसटी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमों ने एक साथ छापेमारी की। लंबे समय से इन प्रतिष्ठानों पर व्यावसायिक खातों के बजाय निजी मोबाइल नंबरों के क्यूआर कोड पर ग्राहकों से पैसे ट्रांसफर करवाने की शिकायतें मिल रही थीं। विभाग की इस अचानक कार्रवाई से शहर के व्यावसायिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है, क्योंकि कई व्यापारी इसी पैटर्न पर अपना कारोबार संचालित कर रहे थे।
निजी खातों और डिजिटल पेमेंट से टैक्स चोरी का नया पैंतरा
कारोबारियों द्वारा टैक्स बचाने और सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाने का एक नया तरीका सामने आया है। इसके तहत व्यापारी फर्म के आधिकारिक खाते के स्थान पर अपने व्यक्तिगत बैंक खातों और निजी फोन नंबरों से जुड़े क्यूआर कोड के माध्यम से पैसों का लेनदेन करते हैं। ग्राहकों से सीधे इन खातों में भुगतान प्राप्त किया जाता है, जिसका कोई आधिकारिक बिल जारी नहीं होता और न ही इस राशि को बिक्री के रिकॉर्ड में शामिल किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए बड़े पैमाने पर कर की चोरी को अंजाम दिया जा रहा था।
प्रसिद्ध कलाकंद प्रतिष्ठानों पर जीएसटी का सर्च अभियान
प्रसिद्ध कलाकंद कारोबारी के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर जीएसटी विभाग की टीम ने एक साथ सभी व्यावसायिक ठिकानों पर दबिश दी। जांच टीम ने मौके पर मौजूद क्यूआर कोड, काम करने वाले कर्मचारियों के बैंक विवरण और इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों की पूरी जानकारी जुटाई। अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2021 से अब तक के सभी खातों और मोबाइल नंबरों से जुड़े लेनदेन का डेटा बैंकों के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है, जिसकी गहन समीक्षा के बाद बनता हुआ टैक्स और जुर्माना वसूला जाएगा।
मुख्यालय के निर्देश पर हुई अचानक छापामार कार्रवाई
स्टेट जीएसटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि छोटे और बड़े व्यापारी अपने निजी नंबरों पर पैसे ट्रांसफर करवाकर बिना बिल के बड़े पैमाने पर व्यापार कर रहे हैं। राज्य मुख्यालय से स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही बाबा ठाकुरदास एंड संस के सभी व्यावसायिक परिसरों में तलाशी अभियान चलाकर महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।
व्यापारिक वर्ग में खौफ और विभाग का कड़ा संदेश
जीएसटी विभाग की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय बाजार में हड़कंप का माहौल बना हुआ है। कर अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि बिना बिल के व्यापार करने और निजी खातों के जरिए व्यावसायिक लेनदेन छिपाने वालों के खिलाफ आने वाले दिनों में और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। विभाग का मुख्य उद्देश्य पारदर्शी व्यापार व्यवस्था कायम करना और कर चोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।


