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    काशी एक्सप्रेस में चोरी से हड़कंप, AC कोच से 15 तोला सोना और ₹50 हजार गायब

    जबलपुर। मुंबई से चलकर गोरखपुर जाने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर काशी एक्सप्रेस के वातानुकूलित (एसी-2) कोच में जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत एक सनसनीखेज और बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री का कीमती सामानों से भरा पर्स चोरी हो गया है। पीड़ित महिला के अनुसार, उस पर्स में लगभग 15 तोले सोने के बहुमूल्य आभूषण और 50 हजार रुपये की नगद राशि मौजूद थी। इस बड़ी चोरी का खुलासा तब हुआ जब ट्रेन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जंक्शन पहुंची। महिला ने तत्काल इसकी शिकायत प्रयागराज जीआरपी (रेलवे पुलिस) थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने शून्य (जीरो एफआईआर) पर मामला दर्ज कर केस डायरी आगे की कार्रवाई के लिए जबलपुर जीआरपी को हस्तांतरित कर दी है। यह पूरी घटना शुक्रवार तड़के की बताई जा रही है।

    सुबह आंख खुलते ही गायब मिला पर्स, शौचालय में मिला खाली बैग

    विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुंबई की रहने वाली अनीता पाठक अपने परिवार के सदस्यों के साथ गाड़ी संख्या 15017 (काशी एक्सप्रेस) के कोच संख्या ए-2 की सीट नंबर 3 पर यात्रा कर रही थीं। निर्धारित समय सारणी के अनुसार ट्रेन को सुबह 07:50 बजे प्रयागराज स्टेशन पहुंचना था। परंतु, सुबह लगभग 5 बजे जब महिला यात्री की अचानक नींद खुली, तो उन्होंने देखा कि सीट के पास रखा उनका मुख्य पर्स गायब था। महिला द्वारा शोर मचाए जाने पर पूरे एसी कोच में हड़कंप मच गया और सहयात्री भी उनकी सहायता के लिए आगे आए।

    ट्रेन के भीतर काफी खोजबीन करने के बाद महिला का वह पर्स बोगी के शौचालय (बाथरूम) में लावारिस हालत में बरामद हुआ। जब पीड़ित महिला ने पर्स को खोलकर जांचा, तो उसमें रखे 15 तोले सोने के जेवरात और 50 हजार रुपये नगद गायब थे। शातिर चोर ने पकड़े जाने और लोकेशन ट्रेस होने के डर से महिला के मोबाइल फोन को भी स्विच ऑफ करने के बजाय फ्लाइट मोड पर डाल दिया था ताकि कोई अलार्म या रिंग न बज सके। प्रयागराज रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा तो पंजीकृत कर लिया है, लेकिन चूंकि घटना का मुख्य क्षेत्र जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत आता है, इसलिए वैधानिक रूप से केस डायरी वहां भेजी जा रही है।

    रेलवे के वीआईपी एसी कोच की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल

    ट्रेन के सबसे सुरक्षित और हाई-प्रोफाइल माने जाने वाले वातानुकूलित श्रेणी (एसी कोच) में लाखों रुपये के आभूषणों की इस बड़ी चोरी ने रेलवे प्रशासन के सुरक्षा दावों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। चलती ट्रेन के भीतर, यात्री की सीट के ठीक बगल से इतना कीमती सामान चोरी हो जाना और अपराधी का बिना किसी रोक-टोक के बाथरूम तक पहुंच जाना रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की गश्त प्रणाली पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। वारदात के तरीके और मोबाइल को बड़ी चालाकी से फ्लाइट मोड पर सेट करने से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि आरोपी कोई पेशेवर अपराधी है, जो पहले से ही उसी कोच में मुसाफिर बनकर रेकी कर रहा था और उसने पूरी सोची-समझी रणनीति के तहत इस घटना को अंजाम दिया।

    सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी जबलपुर जीआरपी, यात्रियों के लिए अलर्ट जारी

    प्रयागराज रेलवे पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर प्राथमिक विधिक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। नियमानुसार, अपराध का वास्तविक स्थल जबलपुर रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है, जिसके कारण मुख्य जांच की फाइल वहां ट्रांसफर की जा रही है। अब इस मामले की कमान संभालते ही जबलपुर जीआरपी की विशेष टीम ट्रेन के मार्ग में आने वाले प्रमुख स्टेशनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज का गहन विश्लेषण करेगी और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए तफ्तीश तेज करेगी। इस गंभीर वारदात के सामने आने के बाद, रेलवे प्रशासन ने भी ट्रेनों में सफर करने वाले आम यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान, आभूषण और नगदी की सुरक्षा को लेकर अत्यधिक सावधानी बरतें।

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