भोपाल। मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में आज दवा कारोबार ठप रहने की संभावना है। ऑनलाइन दवा कंपनियों के बढ़ते बाजार और ई-फार्मेसी के विरोध में मेडिकल स्टोर्स और केमिस्ट संगठनों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर आयोजित की जा रही इस हड़ताल का बड़ा असर पूरे मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है। राजधानी भोपाल के साथ-साथ प्रदेश के सभी जिलों में केमिस्ट आज अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जता रहे हैं, जिससे हजारों दवा दुकानों के शटर आज नहीं उठेंगे।
ऑनलाइन दवा व्यापार और भारी डिस्काउंट पर नाराजगी
दवा कारोबारियों की इस देशव्यापी हड़ताल के पीछे सबसे बड़ी वजह ई-फार्मेसी और कॉर्पोरेट कंपनियों का बढ़ता दखल है। संगठन का साफ तौर पर कहना है कि इंटरनेट के जरिए धड़ल्ले से हो रही दवाओं की बिक्री और बड़ी कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट की वजह से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का कारोबार पूरी तरह चौपट हो रहा है। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों से नकली और घटिया दर्जे की दवाइयां बाजार में पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है, जो मरीजों की सेहत के लिए बड़ा खतरा है। केमिस्ट संघ का आरोप है कि यह पूरा ऑनलाइन कारोबार ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिस पर तुरंत कड़ा नियंत्रण लगाया जाना बेहद जरूरी है।
कलेक्ट्रेट कूच और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन
इस विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए भोपाल में केमिस्ट संघ के बैनर तले बड़ी रणनीति तैयार की गई है। भोपाल केमिस्ट संघ के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ के मुताबिक, राजधानी के लगभग 3000 दवा विक्रेता सुबह 10 बजे दवा बाजार में एकजुट होकर ऑनलाइन व्यापार के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे सभी कारोबारी कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर रुख करेंगे, जहां वे प्रशासन के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील करेंगे।
मरीजों के लिए राहत की बात: आपातकालीन सेवाएं जारी
राहत की बात यह है कि इस व्यापक हड़ताल के दौरान भी आम जनता और मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है। हड़ताल के बावजूद सभी सरकारी अस्पतालों, सिविल लाइंस और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भीतर संचालित होने वाले मेडिकल स्टोर्स पूरी तरह खुले रहेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों पर भी इस हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ेगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति या गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को समय पर जीवन रक्षक दवाएं आसानी से मिल सकें।


