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    ‘ये तो हत्या है’: बेकाबू रफ्तार ने ली दो घरों की खुशियां, चाबी देना बना पापा की गलती

    रतलाम: ये तो हत्या है… हम कोर्ट नहीं हैं जो यह फैसला कर दें। लेकिन इस सीसीटीवी वीडियो को देखकर आप भी यही कहेंगे। हालांकि यह सब कुछ न्यायालय को तय करना है। लेकिन रतलाम से आए वीडियो को देखकर आपका कलेजा फट जाएगा। बड़े अरमानों के साथ शहर में पढ़ाई के लिए बेटे को भेजने वाले पिता की एक चूक से दो परिवार तबाह हो गए हैं। शहर में पढ़ने आए बेटे को दुलार में एक पिता ने कार की चाबी थमा दी और वह सड़क पर यमराज बन गया। 18 महीने के ऋषिक तिवारी को उसकी दादी की आंखों के सामने बेरहमी से रौंदकर भाग गया।

    एक झटके में सबकुछ खत्म

    18 महीने का ऋषिक तिवारी की आवाज से घर गूंजायमन रहता था। दादा-दादी का वह लाडला था। ऋषिक का एक जुड़वा भाई भी है। हर दिन दादी जब घर से पूजा के लिए बाहर निकलती थीं तो दोनों उनके पीछे लग जाते थे। सोमवार की सुबह भी कुछ ऐसा ही हुआ था। दादी जब बाहर निकलीं तो ऋषिक भी साथ आ गया। इसी बीच ऋषिक दरवाजे से बाहर सड़क पर आ गया। पास में एक गाड़ी खड़ी थी। उसके पीछे से वह निकला और सामने की ओर से एक सफेद कार आ रही थी। उस कार की स्पीड तो ज्यादा नहीं थी लेकिन बच्चे को देखकर उसने कार को नहीं रोकी। कार चालक ने बच्चे को टक्कर मार दी। वह पहिए के नीचे चला जाता है। तभी दादी सुमन तिवारी की नजर पड़ती है और वह वहां पहुंचती हैं। बोनट पर हाथ रखकर कार को रोकने की कोशिश करती हैं। कहती हैं कि कार को आगे मत बढ़ाओ लेकिन आरोपी नहीं मानता है वह कुचलते हुए वहां से भाग जाता है।

    बच्चा लहूलुहान हो गया

    ऋषिक तिवारी लूहलुहान हो जाता है। शरीर के कई अंग से खून निकलने लगते हैं। उधर से मां पारूल तिवारी दौड़ते हुए आती है। बच्चे को लेकर अस्पताल जाती हैं। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एक पल में ही परिवार में मातम पसर जाता है। परिवार से ज्यादा घटना के बाद जुड़वा भाई अभिक बेचैन है। हादसे के समय वह घर के अंदर खेल रहा था।

    मां दर्ज कराई शिकायत

    पारूल तिवारी ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कार चालक तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था। परिवार और आसपास के लोगों ने कार का नंबर भी देखा है।

    आरोपी भी है नाबालिग

    कार चालक भी नाबालिग है। वह रतलाम में अपनी दादी के साथ किराए के घर में रहकर 12वीं की पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता गांव से एक रिश्तेदार की गाड़ी लेकर दादी को लेने आए थे। गांव में कोई घटना घटी थी। वे गांव वापस लौटते उससे पहले बेटे ने कहा कि मुझे कार की चाबी दीजिए। एक चक्कर सड़क की लगा लेता हूं।

    पिता ने थमा दी कार की चाबी

    पिता यह जानते थे कि नाबालिग के हाथ में कार की चाबी देना अपराध है। फिर भी बेटे को मना नहीं कर पाए। वह कार लेकर सड़क पर निकला तो 'यमराज' बन गया। सड़क पर आए मासूम को रौंद दिया। उसके बाद वहां से निकल गया। आरोपी के पास लाइसेंस भी नहीं है। इसके बावजूद पिता ने कार की चाबी थमाई। आरोपी एक मीडिल क्लास फैमिली से है।

    बच सकती थी ऋषिक की जान

    सीसीटीवी वीडियो को देखकर लग रहा कि ऋषिक की जान बच सकती थी। टक्कर के बाद वह सिर्फ जमीन पर गिरकर पहिए के नीचे आया था। उसे सिर्फ चोट लगी थी क्योंकि कार की स्पीड ज्यादा नहीं थी। अटकलें हैं कि टक्कर के बाद आरोपी डर गया होगा और भागने के चक्कर में उसने बच्चे को कुचल दिया, जिससे जान चली गई।

    खत्म हो गया करियर

    आरोपी 12वीं की पढ़ाई के लिए शहर आया था। अब पुलिस ने उसके और पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। नाबालिग होने की वजह से रतलाम पुलिस ज्यादा जानकारी नहीं दे रही है।

    उठ रहे हैं कई सवाल

    इस घटना ने समाज में कई सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि माता-पिता की लापरवाही के कारण यह घटना घटी है, जबकि अन्य लोग इसे सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन की कमी के रूप में देखते हैं।

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