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    स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ी: 15,000 बसें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, ट्रैफिक बना मुसीबत

    मुंबई। महायुति सरकार के राज में अब बच्चों की सवारी स्कूली बसें भी ट्रैफिक लूट की शिकार हो गई हैं। ट्रैफिक विभाग इन्हें रोजाना एक करोड़ रुपए के बेजा चालान भेज रहा है। जानकारी के अनुसार, मुंबई में हर 5 में से 3 स्कूली बसें गडकरी के विभाग की इस लूट की शिकार हो रही हैं। इसके खिलाफ कल से 15000 बसें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जानेवाली हैं। ऐसे में निश्चित रूप से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।

    मुंबई में ट्रैफिक पुलिस की दबंगई इस कदर बढ़ गई है कि वह मनमाने तरीके से वाहनों के चालान काट रही है। इनके टारगेट पर सबसे ज्यादा स्कूल व निजी बसें हैं, जिन पर गलती न होते हुए भी कार्रवाई की जा रही है। बस संगठनों का कहना है कि इन बसों के रोजाना करीब एक करोड़ रुपए के ई-चालान काटे जा रहे हैं। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी बिना किसी गलती के ही इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं। इसके खिलाफ बस संगठन बगावत पर उतर गए हैं और उन्होंने कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाते हुए बसों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। महायुति सरकार के कार्यकाल में मुंबई ट्रैफिक पुलिस की मनमानी और दबंगई ने स्कूल व निजी बस मालिकों की कमर तोड़ दी है।

    रोजाना 60 प्रतिशत बसें शिकार

    हर दिन इनके ऊपर ई-चालान के जरिए करोड़ों की वसूली की जा रही है, जिस पर अब राज्यभर के बस संगठन खुलकर विरोध में उतर आए हैं। बता दें कि मुंबई में करीब 8000 स्कूल और 7000 निजी व लक्जरी बसें चल रही हैं। इनमें से 60 फीसदी बसों पर ट्रैफिक पुलिस रोजाना कार्रवाई कर रही है। बस मालिकों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फोटो सबूत और कभी-कभी पुरानी तस्वीरें दोबारा इस्तेमाल करके चालान काट रही है।

    एक दिन में तीन चालान

    महाराष्ट्र स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस बसों पर पहला चालान 500 रुपए, दूसरा 1500 रुपए, तीसरा 2500 रुपए और अब चौथा चालान 3000 रुपए का काट रही है। उन्होंने कहा कि एक ही बस पर दिन में तीन-तीन बार चालान काटे गए हैं। ट्रैफिक विभाग को दैनिक टारगेट दिए जाते हैं, जिस पर कमीशन तय हैं।

    कल से निजी बसों पर ‘ब्रेक’!

    ट्रैफिक विभाग स्कूली व निजी बसों को मनमाने तरीके से ई-चालान भेज रहा है। इसके तहत रोजाना करीब एक करोड़ रुपए के चालान भेजे जा रहे हैं। अब इस मनमानी के खिलाफ महाराष्ट्र स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन ने अनिल गर्ग के नेतृत्व में कल दो जुलाई २०२५ से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि अब व्यवसाय चलाना असंभव हो गया है। गर्ग ने कहा कि यह विरोध कानून के खिलाफ नहीं, बल्कि शोषण और अन्याय के खिलाफ है। गर्ग का कहना है कि हम छात्रों की सुरक्षा और न्यायसंगत व्यवहार की मांग करते हैं। सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा है, ताकि छात्रों की आवाजाही बाधित न हो। गर्ग ने कहा कि हमारी मांगे हैं कि स्कूल के पास ड्यूटी पर खड़ी बसों के सभी लंबित चालान माफ किए जाएं। स्कूल पिकअप-ड्रॉप जोन निर्धारित होने तक ई-चालान पर रोक लगे। सरकार, आरटीओ, ट्रैफिक पुलिस और बस संगठनों की संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्यभर के निजी बस और ट्रक मालिकों ने समर्थन दिया है। यदि सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो संपूर्ण परिवहन सेवा ठप हो सकती है।

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