More
    Homeराज्यबिहारएम्बुलेंस नहीं मिली तो नवजात का शव डिब्बे में लाया पिता, सांसद...

    एम्बुलेंस नहीं मिली तो नवजात का शव डिब्बे में लाया पिता, सांसद ने उठाए सवाल

    झारखंड। की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में पश्चिमी सिंहभूम जिले में सामने आया ताजा मामला एक बार फिर सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है. कुछ समय पहले जहां एक बच्चे की लाश को झोले में ले जाने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया था, वहीं अब एचआईवी पॉजिटिव ब्लड जरूरतमंद मरीजों को चढ़ाने का मामला भी सामने आ चुका है।

    गरीब पिता को अपने नवजात शिशु का शव डिब्बे में रखकर ले जाना पड़ा घर

    इन घटनाओं की चर्चा अभी थमी ही नहीं थी कि चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल से एक और बेहद दर्दनाक और अमानवीय मामला सामने आ गया. यहां एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण एक गरीब पिता को अपने नवजात शिशु का शव कार्डबोर्ड के डिब्बे में रखकर घर ले जाना पड़ा. यह घटना न सिर्फ हृदयविदारक है, बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक सच्चाई को भी सामने लाती है. मामला सामने आने के बाद यह तेजी से सुर्खियों में आ गया और राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई. जमशेदपुर से बीजेपी सांसद विद्युत वरण महतो ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की असंवेदनशीलता और लापरवाही का जीवंत उदाहरण है. उन्होंने कहा कि सरकार अक्सर गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है।

    मामले में दोषी अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को किया जाए निलंबित

    सांसद के अनुसार एक गरीब पिता को अपने नवजात बच्चे के शव को डिब्बे में भरकर घर ले जाने की मजबूरी झेलनी पड़ी, इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक स्थिति ओर क्या हो सकती है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिस तरह की संवेदनहीनता दिखाई है, वह मानवता को शर्मसार करने वाली है. यदि समय पर एम्बुलेंस की व्यवस्था कर दी जाती तो कम से कम उस पिता को इस अपमानजनक स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता. सांसद ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं, तो सरकार के स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सारे दावे खोखले साबित होते हैं. उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों तथा स्वास्थ्य कर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए. साथ ही पीड़ित परिवार को सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने की भी बात कही. सांसद ने यह भी कहा कि यदि इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे यह संदेश जाएगा कि गरीबों की पीड़ा इस सरकार के लिए कोई मायने नहीं रखती।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here